विजया और आमलकी एकादशी की तिथि, पूजा मुहूर्त और पारण समय

सनातन धर्म में एकादशी व्रत को भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करने का अत्यंत पावन साधन माना गया है। हर महीने आने वाली दो एकादशी तिथियां—शुक्ल और कृष्ण पक्ष—मानसिक शुद्धि, आध्यात्मिक उन्नति और जीवन की बाधाओं से मुक्ति का मार्ग प्रशस्त करती हैं।
फरवरी 2026 में पड़ने वाली विजया एकादशी और आमलकी एकादशी का विशेष धार्मिक महत्व है। इस लेख में हम आपको दोनों एकादशी व्रत की सही तिथि, पूजा का शुभ मुहूर्त, व्रत पारण का सटीक समय, साथ ही उनका आध्यात्मिक महत्व सरल और SEO-friendly भाषा में बता रहे हैं।

ये भी पढ़ें – कोहरे का कहर सोनबरसा फोरलेन पर भीषण टक्कर पांच वाहन भिड़े

विजया एकादशी 2026: तिथि, महत्व और शुभ मुहूर्त
विजया एकादशी का व्रत शत्रुओं पर विजय, कार्यों में सफलता और नकारात्मक शक्तियों से रक्षा के लिए किया जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से किया गया व्रत जीवन की बड़ी से बड़ी कठिनाइयों को भी दूर कर देता है।
विजया एकादशी कब है?
तिथि आरंभ: 12 फरवरी 2026, गुरुवार, प्रातः 11:33 बजे से
तिथि समापन: 13 फरवरी 2026, शुक्रवार, दोपहर 01:30 बजे तक
उदया तिथि के अनुसार व्रत: 13 फरवरी 2026, शुक्रवार

ये भी पढ़ें – गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब चुनाव 2026–27 नामांकन वापसी के बाद तस्वीर पूरी तरह साफ

विजया एकादशी पूजा का शुभ समय
पूजा मुहूर्त: प्रातः 06:26 से 09:15 बजे तक
विजया एकादशी व्रत पारण समय
पारण: 14 फरवरी 2026, शनिवार (द्वादशी)
समय: प्रातः 07:50 से 09:15 बजे तक
आमलकी एकादशी 2026: तिथि, महत्व और पूजा मुहूर्त
आमलकी एकादशी भगवान विष्णु और आंवले के वृक्ष को समर्पित होती है। शास्त्रों के अनुसार, आंवले के वृक्ष में स्वयं भगवान विष्णु का वास माना गया है। इस दिन आंवले के वृक्ष की पूजा करने से पापों से मुक्ति, आरोग्य और दीर्घायु का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

ये भी पढ़ें – घुघली स्टेशन का महाप्रबंधक ने किया औचक निरीक्षण, यात्री सुविधाओं से लेकर ओवरब्रिज तक उठीं कई अहम मांगें

आमलकी एकादशी कब है?
तिथि आरंभ: 26 फरवरी 2026, गुरुवार, रात्रि 12:07 बजे से
तिथि समापन: 27 फरवरी 2026, शुक्रवार, रात्रि 09:59 बजे तक
उदया तिथि के अनुसार व्रत: 27 फरवरी 2026, शुक्रवार
आमलकी एकादशी पूजा का शुभ समय
पूजा मुहूर्त: प्रातः 06:15 से 09:09 बजे तक
आमलकी एकादशी व्रत पारण समय
पारण: 28 फरवरी 2026, शनिवार
समय: प्रातः 07:41 से 09:08 बजे तक

ये भी पढ़ें – लंका दहन से लंका पर चढ़ाई तक: हनुमान जी का अद्वितीय पराक्रम

एकादशी व्रत का धार्मिक लाभ
एकादशी व्रत रखने से मन, शरीर और आत्मा की शुद्धि होती है। इस दिन स्नान-दान, विष्णु सहस्रनाम पाठ, तुलसी पूजन और व्रत कथा श्रवण करने से पुण्य की प्राप्ति होती है। माना जाता है कि एकादशी व्रत करने वाला व्यक्ति जन्म-मृत्यु के बंधन से मुक्त होकर मोक्ष की ओर अग्रसर होता है।

Editor CP pandey

Recent Posts

पेमे की पहली ऑफलाइन ब्रांच शुरू क्रेडिट एक्सेस को मिलेगा बढ़ावा

गिरजेश शुक्ला ने किया उद्घाटन लाप 20 लाख व पर्सनल लोन 5 लाख तक की…

1 day ago

आबादी और कोटही माता मंदिर के बीच संचालित शराब की दुकानों पर ग्रामीणों का विरोध

जांच कर दुकानों को अन्यत्र स्थानांतरित करने की मांग, शाम होते ही लगती है भीड़…

1 day ago

भेषजिक मुख्य परीक्षा 29 जून को

14 केंद्रों पर 6432 अभ्यर्थी होंगे शामिल एक पाली में होगी परीक्षा, सुरक्षा व निष्पक्षता…

1 day ago

2.25 करोड़ की लागत से 12 सड़कों का शिलान्यास, बृजमनगंज के आठ वार्डों की बदलेगी तस्वीर

नगर पंचायत अध्यक्ष बोले- विकास कार्यों में गुणवत्ता से नहीं होगा समझौता, समयबद्ध तरीके से…

1 day ago

1200 मतदाताओं के आधार पर मतदेय स्थलों के पुनर्निर्धारण की समय-सारिणी जारी

4 जुलाई को प्रकाशित होगी मतदेय स्थलों की आलेख्य सूची, 31 जुलाई तक आयोग को…

1 day ago

देवरिया में गैस सिलेंडर वितरित कर रहे हॉकर को तेज रफ्तार जिप्सी ने मारी टक्कर, गंभीर घायल

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। देवरिया शहर में गैस सिलेंडर वितरित कर रहे एक हॉकर को…

2 days ago