Tuesday, February 17, 2026
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सावन सोमवार पर शिवमय हुआ उतरौला, शिवालयों में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब

हर-हर महादेव के जयघोष से गूंज उठा नगर, कांवड़ियों की टोलियों ने भक्ति का रंग बिखेरा

उतरौला /बलरामपुर, (राष्ट्र की परम्परा)। सावन माह के दूसरे सोमवार को उतरौला नगर और आसपास के ग्रामीण अंचलों में शिवभक्ति चरम पर रही। तड़के भोर से ही श्रद्धालु हाथों में पूजा की सामग्री लिए शिवालयों की ओर बढ़ चले। मंदिरों के द्वार खुलते ही “बोल बम”, “हर हर महादेव” और “बम-बम भोले” के उद्घोष से वातावरण भक्तिमय हो गया।

शिवभक्तों ने गंगाजल, दूध, दही, शहद, बेलपत्र, भांग व धतूरा से भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर पूजन-अर्चन किया। व्रती श्रद्धालु शिवलिंग पर जल अर्पित कर परिवार के सुख-शांति, आरोग्यता और कल्याण की कामना करते देखे गए।

प्रमुख शिवालयों में रही भारी भीड़
नगर के सुप्रसिद्ध मंदिर –
श्री दुःखहरण नाथ मंदिर
श्री पिपलेश्वर महादेव मंदिर
श्री फक्कड़ दास बाबा मंदिर
श्री शिव मंदिर गोंडा मोड़
डाक बंगला स्थित श्री शनिदेव मंदिर परिसर
श्री ब्रह्म बाबा मंदिर गांधी नगर चौकी के समीप
सहित ग्रामीण इलाकों के अनेक शिवालयों में श्रद्धालुओं का रेला लगा रहा। पूरे दिन भजन-कीर्तन, मंत्रोच्चार और शिव स्तुति की गूंज सुनाई देती रही।

कांवड़ यात्रा ने जोड़ा आस्था का रंग

अनेक श्रद्धालु आसपास के क्षेत्रों से पैदल यात्रा कर कांवड़ लेकर शिव मंदिरों में जलाभिषेक करने पहुंचे। इन कांवड़ियों की टोलियों ने पूरे रास्ते भक्ति गीतों और जयकारों से माहौल को और भी अधिक भक्तिमय बना दिया।

प्रशासन रहा सतर्क, व्यवस्था रही सशक्त

श्रावण सोमवार को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए थे। मंदिर परिसरों में नगर पालिका द्वारा सफाई, पेयजल, शौचालय तथा अन्य जरूरी व्यवस्थाएं कराई गईं। भीड़ नियंत्रण के लिए मंदिर समितियों के स्वयंसेवक और सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ता दिनभर मुस्तैद रहे।

श्रद्धा, संयम और भक्ति का अद्भुत संगम

शिवभक्तों ने पूरे दिन व्रत रखते हुए संयम, श्रद्धा और आस्था का परिचय दिया। विभिन्न मंदिरों में विशेष पूजन, रुद्राभिषेक, आरती और प्रसाद वितरण का आयोजन होता रहा। हर भक्त की आंखों में बस एक ही कामना थी—“भोलेनाथ कृपा करें, जीवन सुखमय हो।”

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