लखनऊ।(राष्ट्र की परम्परा)उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को कहा कि उत्तर प्रदेश मूलतः कभी भी ‘बीमारू’ राज्य नहीं था, बल्कि इसे भ्रष्ट राजनीतिक दलों, वंशवाद की राजनीति और नियुक्तियों में पक्षपात ने पिछड़ेपन की ओर धकेला। मुख्यमंत्री लोक भवन सभागार में आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों ने प्रदेश की प्रतिभा को पहचानने के बजाय उसे हतोत्साहित करने का काम किया। परंतु वर्तमान सरकार ने भर्ती प्रक्रियाओं को पारदर्शी बनाया है ताकि योग्य युवाओं को बिना किसी भेदभाव के अवसर मिल सके।

कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूपीएसएसएससी) की पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के तहत चयनित 2,425 महिला पर्यवेक्षकों और 13 फार्मासिस्टों को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए। मुख्यमंत्री ने चयनित अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह नियुक्तियां प्रदेश की स्वास्थ्य और पोषण व्यवस्था को और सुदृढ़ करेंगी।

योगी आदित्यनाथ ने यह भी कहा कि आज प्रदेश नई कार्यसंस्कृति के साथ आगे बढ़ रहा है। रोजगार के अवसर बढ़े हैं, निवेश आ रहा है और उत्तर प्रदेश देश की अर्थव्यवस्था में अहम योगदान देने वाला अग्रणी राज्य बन रहा है।