संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। चकबंदी लेखपाल संघ ने सोमवार को लेखपाल राम प्रवेश यादव के निलंबन के विरोध में प्रदर्शन करते हुए इसे बिना ठोस साक्ष्य की कार्रवाई बताया और निष्पक्ष जांच की मांग की। संघ ने चेतावनी दी कि यदि लेखपाल के साथ कोई अप्रिय घटना होती है तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों की होगी।
संघ के अनुसार धनघटा क्षेत्र के ग्राम संठी में चक निर्माण से जुड़े मामले में जांच रिपोर्ट के आधार पर लेखपाल को निलंबित किया गया। संगठन का कहना है कि पर्याप्त प्रमाण के अभाव में यह कार्रवाई की गई है। निलंबन अवधि में लेखपाल को चकबंदी अधिकारी कार्यालय खलीलाबाद से संबद्ध कर दिया गया है और उन पर अनावश्यक दबाव बनाया जा रहा है।
संघ पदाधिकारियों ने दावा किया कि संबंधित आपत्तियां मौखिक निर्देश पर दर्ज की गई थीं। बाद में काश्तकार ने स्वयं अपनी आपत्ति में संशोधन का अनुरोध किया था तथा पत्रावली काश्तकार के हस्ताक्षर के साथ वापस की गई, जिसकी जानकारी संबंधित कार्यालय को थी।
संगठन ने आरोप लगाया कि लेखपाल को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। संघ ने पूर्व की घटनाओं का हवाला देते हुए कहा कि कार्यस्थल के दबाव के कारण कुछ अधिकारी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से भी जूझ चुके हैं।
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