पांच हजार से अधिक महिलाएं हो चुकी लाभान्वित
देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)।
जिले की गर्भवती को अल्ट्रासाउंड जांच के लिए निजी सेंटर पर जाने की जरूरत नहीं रह गयी है। उन्हें स्वास्थ्य विभाग की ओर से ई रुपी वाउचर उपलब्ध कराया जा रहा है। जिसकी सहायता से वह आसानी से अपनी अल्ट्रासाउंड जांच सरकारी प्रावधानों के अनुसार करा रही हैं। अप्रैल 2023 से अब तक 5500 महिलाएं इस योजना का लाभ ले चुकी हैं। गर्भवती इस योजना के तहत प्राइवेट सेंटर पर अपनी अल्ट्रासाउंड जांच करा सकती हैं। पूरे प्रदेश में ई वाउचर जनरेट कर गर्भवती को अल्ट्रासाउंड की सुविधा उपलब्ध करने में जिले को दूसरा स्थान मिला है ।
सीएमओ डॉ राजेश झा ने बताया कि सरकारी अस्पतालों में अल्ट्रासाउंड जांच जहां सरकारी प्रावधानों के तहत हो रहा है, वहीं निजी सेंटर्स पर इसके लिए हजार रुपये तक खर्च हो जाते हैं। इसी वजह से आर्थिक रूप से कमजोर गर्भवती यह जांच नहीं करा पाती हैं, जिससे मातृ शिशु स्वास्थ्य पर खतरे की आशंका होती है। इसे देखते हुए सरकार ने ई वाउचर योजना की शुरुआत की है। जिले में शहरी क्षेत्र सहित 14 अल्ट्रासाउंड केन्द्रों को योजना के पैनल में शामिल किया गया है। यह वाउचर इन्ही सेंटर्स पर वैध माने जाएंगे। सीएमओ ने बताया कि हर माह की एक, नौ , सोलह और 24 तारीख को प्रथम संदर्भन इकाई (एफआरयू) केन्द्र पर प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस (पीएमएसए डे) का आयोजन कर गर्भवती को इस योजना लाभ दिया जाता है। गर्भवती को मिली यह सुविधाएं
जिला मातृत्व स्वास्थ्य परामर्शदाता विश्वनाथ मल्ल ने बताया कि पीएमएसए डे पर गर्भवती की प्रसव पूर्व जांच जैसे हीमोग्लोबिन, शुगर, यूरिन जांच, ब्लड ग्रुप, एचआईवी, सिफलिस, वजन, ब्लड प्रेशर और अल्ट्रासाउंड सहित अन्य जांचें की जाती हैं। समस्त गर्भवती के गर्भ का द्वितीय एवं तृतीय त्रैमास में कम से कम एक बार स्त्री रोग विशेषज्ञ चिकित्सक की देख-रेख में स्वास्थ्य परीक्षण किया जाता है। टिटनेस का टीका लगाने के साथ साथ आयरन व कैल्शियम सहित अन्य आवश्यक दवाएं भी दी जाती हैं। हाई रिस्क प्रेग्नेंसी की पहचान, प्रबंधन एवं सुरक्षित संस्थागत प्रसव के लिए गर्भवती को प्रेरित किया जाता है। ई वाउचर से ऐसे होता है भुगतान
गौरीबाजार निवासी नेहा (28) ने बताया कि वह 28 सप्ताह की गर्भवती हैं। वह 24 जुलाई को पीएमएसए डे पर सीएचसी पर जाँच कराने पहुँचीं। डॉ. प्रियंका ने ब्लड जाँच कराया और अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह भी दिया । खून की जाँच में हीमोग्लोबिन 10.9 ग्राम था। चिकित्सक ने टीडी का टीका लगवाया। साथ ही पोषक आहार और सही खानपान की सलाह मिली। अल्ट्रासाउंड के लिए उनका ई रुपी वाउचर जनरेट किया गया तो उनके फोन पर एक क्यूआर ओटीपी आया। इसे दिखा कर उन्होंने पैनल्ड निजी सेंटर पर अल्ट्रासाउंड कराया। नफरत की राजनीति पर तीखा प्रहार, लोकतंत्र बचाने का आह्वान सत्य, विवेक और मानवीय मूल्यों…
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