Sunday, February 22, 2026
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खगड़िया में दो दर्दनाक जल हादसे, चार लोगों की डूबने से मौत


दो सगी बहनों समेत चार की गई जान, गम में डूबा इलाका

खगड़िया (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। जिले में सोमवार को दो अलग-अलग स्थानों पर हुए डूबने की घटनाओं में चार लोगों की मौत हो गई। इनमें से एक हादसा गोगरी प्रखंड के बिंद टोली घाट पर हुआ, जहां नाव पलटने से दो सगी बहनों की जान चली गई। वहीं दूसरी घटना में भी दो युवकों की डूबने से मौत हो गई। दोनों ही घटनाओं ने स्थानीय लोगों को गहरे सदमे में डाल दिया है।

बिंद टोली घाट पर नाव पलटने से दो बहनों की मौत गोगरी प्रखंड अंतर्गत बिंद टोली घाट पर सोमवार को यह हादसा उस समय हुआ जब आठ लोग एक छोटी नाव से दियारा क्षेत्र से घास लेकर वापस लौट रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार नाव ओवरलोड थी और गंगा नदी की तेज धार में संतुलन खो बैठी। देखते ही देखते नाव डगमगाने लगी और कुछ ही पलों में नदी में समा गई।

स्थानीय ग्रामीणों और बचाव दल की मदद से कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, लेकिन दो सगी बहनें—जिनकी उम्र लगभग 12 और 14 वर्ष बताई जा रही है—गंभीर रूप से डूब गईं। बाद में गोताखोरों ने कड़ी मशक्कत के बाद दोनों के शव बरामद किए। परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है।

एक अन्य स्थान पर दो युवकों की भी डूबने से मौत इसी दिन जिले के एक अन्य क्षेत्र में नहाने के दौरान दो युवकों की डूबने से मौत हो गई। हादसा तब हुआ जब गर्मी से राहत पाने के लिए कुछ किशोर नदी में स्नान करने गए थे। इनमें से दो युवक गहराई में चले गए और डूबने लगे। साथी युवकों ने शोर मचाया लेकिन जब तक मदद पहुंचती, दोनों की जान जा चुकी थी।

प्रशासन की ओर से शोक और सहायता का आश्वासन जिला प्रशासन की ओर से घटनाओं पर दुख व्यक्त किया गया है। गोगरी के अंचलाधिकारी ने मौके पर पहुंचकर पीड़ित परिवारों को सांत्वना दी और नियमानुसार मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू करने की बात कही। स्थानीय विधायक ने भी घटनास्थलों का दौरा कर शोक जताया और भविष्य में ऐसे हादसे न हों, इसके लिए घाटों की सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने की मांग की।

गांवों में शोक की लहर इन हादसों के बाद से संबंधित गांवों में मातम पसरा हुआ है। लोगों में आक्रोश और दुख दोनों है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन को दियारा क्षेत्र में नावों की नियमित जांच और सुरक्षा मानकों की व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसे हादसे दोहराए न जाएं।

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