पंचांग 03 जनवरी 2026 | आज का विस्तृत हिन्दू पंचांग (शनिवार)
📜 आज का पंचांग : 03/01/2026 (शनिवार)
तिथि: 🌕 शुक्ल पक्ष पूर्णिमा – सुबह से 03:32 PM तक
🌑 कृष्ण पक्ष प्रतिपदा – 03:32 PM के बाद
नक्षत्र:आद्रा – 05:27 PM तक
उसके बाद पुनर्वसु
विक्रम संवत: 2082 (कालयुक्त संवत्सर)
शक संवत: 1947 (विश्वावसु संवत्सर)
चन्द्र मास:
अमांत – पौष
पूर्णिमांत – पौष
ये भी पढ़ें – इंदौर दूषित पानी मामला: BJP पार्षद का बड़ा खुलासा, ‘तीन साल से कर रहे थे शिकायत, सिस्टम ने नहीं सुनी’
🔱 योगब्रह्म योग – 09:05 AM तक
इन्द्र योग – 05:15 AM (04 जनवरी) तक
इसके बाद वैधृति योग
🔸 करण- बव – 03:32 PM तक
बालव – 01:58 AM तक
कौलव – उसके बाद
☀️ सूर्य एवं 🌙 चंद्रमा का समय
सूर्योदय: 07:12 AM
सूर्यास्त: 05:49 PM
चन्द्रोदय: 05:49 PM
चन्द्रास्त: 08:00 AM (04 जनवरी)
ये भी पढ़ें – हल्दी–सहतवार मार्ग पर संदिग्ध सड़क हादसा, एक युवक की मौत
🌌 ग्रह एवं राशि स्थिति
सूर्य राशि: धनु
चंद्र राशि: मिथुन (पूरा दिन-रात)
अयन: दक्षिणायन
द्रिक ऋतु: शिशिर
वैदिक ऋतु: हेमंत
⚠️ अशुभ काल- राहुकाल: 09:52 AM – 11:11 AM
यम गण्ड: 01:50 PM – 03:10 PM
कुलिक काल: 07:12 AM – 08:32 AM
दुर्मुहूर्त: 08:37 AM – 09:20 AM
वर्ज्यम्: 04:19 AM – 05:46 AM
ये भी पढ़ें – निर्धारित समय उल्लंघन पर आबकारी विभाग का छापा, मऊ में तीन शराब दुकानों पर मुकदमा दर्ज
✅ शुभ काल- ब्रह्म मुहूर्त: 05:36 AM – 06:24 AM
अमृत काल: 08:32 AM – 09:57 AM
अभिजीत मुहूर्त: 12:10 PM – 12:52 PM
🪔 व्रत एवं त्योहार
🌕 पौष पूर्णिमा
🙏 पूर्णिमा व्रत
🔱 सत्य व्रत
🌊 माघ स्नान प्रारंभ
✨ सर्वार्थसिद्धि योग
👉 आज सर्वार्थसिद्धि योग नहीं है, किन्तु पूर्णिमा तिथि व ब्रह्म योग धार्मिक अनुष्ठानों के लिए श्रेष्ठ माने गए हैं।
ये भी पढ़ें – छात्रों के हुनर को मिलेगा नया आयाम, 25 दिवसीय मेकअप आर्टिस्ट कोर्स का शुभारम्भ
🧭 दिशा शूल (यात्रा विचार)
शनिवार को पूर्व दिशा की यात्रा वर्जित मानी जाती है।
यदि यात्रा आवश्यक हो तो तिल या काली मिर्च खाकर निकलें।
पश्चिम एवं उत्तर दिशा की यात्रा से आज लाभ प्राप्त होता है।
🌙 चंद्रबल – 04/01/26 सुबह 07:13 AM तक चंद्रबल जिन राशियों को है:
मेष, मिथुन, सिंह, कन्या, धनु, मकर
ये भी पढ़ें – सीएम योगी ने वित्त विभाग की समीक्षा बैठक की, बजट खर्च में तेजी लाने के दिए सख्त निर्देश
⭐ ताराबल- 05:27 PM तक शुभ नक्षत्र: अश्विनी, कृत्तिका, मृगशीर्षा, पुनर्वसु, पुष्य, मघा, उत्तर फाल्गुनी, चित्रा, विशाखा, अनुराधा, मूल, उत्तराषाढ़ा, धनिष्ठा, पूर्वभाद्रपदा, उत्तरभाद्रपदा
नोट:👉 इस पंचांग में किसी भी प्रकार की त्रुटि के लिए राष्ट्र की परम्परा जिम्मेदार नहीं है। कृपया किसी भी धार्मिक, ज्योतिषीय अथवा महत्वपूर्ण निर्णय से पूर्व योग्य विद्वान अथवा आचार्य से परामर्श अवश्य लें।
