वॉशिंगटन (राष्ट्र की परम्परा)। अमेरिका ने गुरुवार को अपने नागरिकों के लिए एक अहम आधिकारिक ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है। डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के तहत अमेरिकी विदेश विभाग ने दुनिया के 21 देशों को ‘लेवल-4: डू नॉट ट्रैवल’ श्रेणी में रखा है। इन देशों में रूस, यूक्रेन, लीबिया, बुर्किना फासो जैसे उच्च जोखिम वाले देश शामिल हैं। राहत की बात यह है कि इस सूची में भारत और पाकिस्तान का नाम शामिल नहीं है।
विदेश विभाग ने सोशल मीडिया पर जारी की एडवाइजरी
अमेरिकी विदेश विभाग के Bureau of Consular Affairs ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर ट्रैवल एडवाइजरी साझा की। पोस्ट में कहा गया कि अमेरिकी नागरिकों के लिए देशों को लेवल 1 से लेवल 4 तक वर्गीकृत किया गया है, जिसमें लेवल-4 का मतलब है – किसी भी स्थिति में यात्रा न करें।
विदेश विभाग के अनुसार, स्थानीय सुरक्षा हालात, आतंकवाद, गृह युद्ध, अपहरण और अमेरिकी नागरिकों तक सहायता पहुंचाने की सीमित क्षमता को ध्यान में रखते हुए इन देशों को लेवल-4 में रखा गया है।
इन 21 देशों की यात्रा न करने की अपील
अमेरिकी सरकार द्वारा जारी सूची में शामिल देश:
• अफगानिस्तान
• बेलारूस
• बुर्किना फासो
• म्यांमार (बर्मा)
• सेंट्रल अफ्रीकन रिपब्लिक (CAR)
• हैती
• ईरान
• इराक
• लेबनान
• लीबिया
• माली
• नाइजर
• उत्तर कोरिया
• रूस
• सोमालिया
• दक्षिण सूडान
• सूडान
• सीरिया
• यूक्रेन
• वेनेजुएला
• यमन
रूस की परमाणु धमकी के बाद बढ़ा तनाव
बताया जा रहा है कि यह कदम रूस की ओर से परमाणु हथियारों की धमकी के बाद उठाया गया है। हाल ही में अमेरिकी सेना ने अटलांटिक महासागर में रूसी झंडे वाले तेल टैंकर ‘मरीनेरा’ को जब्त कर लिया था, जिसके बाद अमेरिका और रूस के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया।
रूस ने इस कार्रवाई को “समुद्री डकैती” करार दिया है। वहीं, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की पार्टी के सांसद और रक्षा मामलों की स्टेट कमेटी के उपाध्यक्ष एलेक्सी जुरावलेव ने अमेरिका को परमाणु हथियार इस्तेमाल करने की खुली धमकी दी, जिससे वैश्विक सुरक्षा चिंताएं और बढ़ गई हैं।
