बलिया(राष्ट्र की परम्परा)
उत्तर प्रदेश व बिहार को जोड़ने वाला चिरप्रतिक्षित खरीद-दरौली घाट पीपा राजनीतिक -सामाजिक नेताओं के हुँकार के बीच अन्ततः रविवार की शाम को चालू हो गया।वह भी जूगाड़ के माध्यम से औने पौने निर्माण को पूर्ण कर के जबकि इसी के साथ घाघरा नदी में दोनों घाटों के बीच संचालित हो रहा स्टीमर सेवा आज से बंद हो गया।
वैसे इलाकाई लोग पुल के चालू हो जाने से काफी खुश हैं क्योंकि समय बीतने के साथ ही लोग पुल के चालू होने के प्रति निराश होते जा रहे थे।उनमें यह भावना घर करती जा रही थी कि शायद इस वर्ष पुल का निर्माण भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाएगा।
उन्हें खुशी इस बात की है कि भले कमजोर किन्तु नदी पार कर बिहार आवागमन हेतु उन्हें अच्छा साधन मिल गया।सर्वाधिक खुशी क्षेत्र के दूधियों,व्यवसायियों,बिहार में पद स्थापित शिक्षकों,चारपहिया वाहन स्वामियों व चालकों ,इस पार से उस पार रोजाना आवागमन करने वालों और अन्य विभागों के कर्मचारियों को हो रही है।क्योंकि वे बिना एक पैसा खर्च किये पुल के माध्यम से यू पी बिहार को आवागमन कर लेते हैं।
पीपा पुल के संचालन में हुए विलम्ब के बारे में लोकनिर्माण विभाग के सहायक अभियन्ता पन्नालाल ने इस वर्ष देर होने का कारण नदी के लम्बा पाट एवं संसाधनों की कमी का होना बताया।कहा कि हमारा प्रयास होगा कि पुल आगे निर्धारित समय तक संचालित हो।इस दौरान यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
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