
सकलडीहा पुलिस बनी देवदूत
चंदौली(राष्ट्र की परम्परा)
सकलडीहा कोतवाली क्षेत्र के बरठि गाँव के अजय चौबे के दो पुत्र व एक पुत्री परिजनों से नाराज होकर अपने ननिहाल बिहार के जमुरनी गाँव के लिए पैदल ही निकल गए।
आपको बता दें कि चंदौली जनपद के सकलडीहा कोतवाली क्षेत्र के बरठि गांव के अजय चौबे व विजय चौबे के दो पुत्र व एक पुत्री परिजनो से नाराज होकर के अपने ननिहाल बिहार के जमुरनी गांव के लिए पैदल ही निकल गए।बच्चों के हाथों में अपने कुछ कपड़े समान थे औऱ वे बच्चे पैदल ही जा रहे थे,जाते समय बीच में नई बाजार पुलिस चौकी पड़ी तो उन्हें पुलिस कर्मियों ने रोक लिया और फिर उनसे,उनके घर और जाने का पता पूछने लगे तो उनमें अजय चौबे की सबसे बड़ी लड़की विद्या 11 वर्ष ,पुत्र चिराग 9 वर्ष तथा विजय चौबे के पुत्र रूद्र 8 वर्ष शामिल थे। पुलिस ने जब उनसे नाम पता पूछा तो बच्चे परिजन से इतना नाराज थे की पुलिस को भी झांसा देने लगे और सकलडीहा अपना पता बताए।
पुलिस ने जब सकलडीहा कस्बा में पता लगाया तो सही जानकारी नहीं मिल पाई फिर बच्चों को घुमा फिरा,कर पूछा गया तो वह अपने पिता का नाम अजय चौबे व विजय चौबे बताए, तथा पता ग्राम बराठी बताए तब परिजनों को सूचित किया गया।
जानकारी से पता चला कि विद्या व उसके भाई चिराग की मां का संबंध उसके पिता से 5,6 वर्षों से नहीं है,जिसके कारण वह अपने मां के पास नहीं रहते हैं और पिता से किसी बात को लेकर उनको नाराजगी हो गई तो अपने ननिहाल बिहार के जमुरनी गांव के लिए पैदल ही निकल गए। उनके साथ उनके चाचा का लड़का रुद्र भी चल दिया और तीनों पैदल ही बिहार के जमुरनी के लिए चल दिए थे।
इस संबंध में नई बाजार चौकी प्रभारी विजय राज ने बताया कि तीनों बच्चों के परिजन आ गए हैं और उनको बच्चों को सुपुर्द कर दिया गया है
