Saturday, February 21, 2026
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सुखपुरा में आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण शुरू, पोषण व मानदेय वृद्धि पर फोकस

बलिया (राष्ट्र की परम्परा)।सुखपुरा ब्लॉक मुख्यालय के दवकरा हाल में आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम उत्साह के साथ प्रारंभ हुआ। उत्तर प्रदेश सरकार के विशेष अभियान के तहत आयोजित इस आंगनवाड़ी प्रशिक्षण कार्यक्रम में क्षेत्र के विभिन्न गांवों से आई कार्यकत्रियों को पोषण, स्वास्थ्य देखभाल और प्रारंभिक शिक्षा से जुड़ी अद्यतन जानकारी दी गई।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि पूर्व मंडल अध्यक्ष प्रमोद सिंह एवं विशिष्ट अतिथि खंड विकास अधिकारी बेरूआरबारी शैलेश कुमार मुरारी ने दीप प्रज्वलन कर किया। पहले दिन के सत्र में विशेषज्ञों ने बताया कि आंगनवाड़ी केंद्र बच्चों के समग्र विकास की पहली कड़ी हैं और यहां दी जाने वाली शिक्षा व पोषण भविष्य की नींव मजबूत करते हैं।
मुख्य अतिथि ने कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि बच्चों के सर्वांगीण विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि सही पोषण, स्वच्छता और संस्कार की शिक्षा से ही मजबूत समाज का निर्माण संभव है।
इस दौरान यह भी जानकारी दी गई कि प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा विधान परिषद में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और आशा वर्करों के मानदेय वृद्धि की घोषणा की गई है। संभावना है कि यह निर्णय होली पर्व से पहले लागू किया जाएगा। इस घोषणा से उपस्थित कार्यकत्रियों में उत्साह देखा गया।
पोषण और स्वास्थ्य पर विशेष जोर
खंड विकास अधिकारी शैलेश कुमार मुरारी ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि कोई भी बच्चा कुपोषण या शिक्षा से वंचित न रहे। आंगनवाड़ी प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से कार्यकत्रियों को संतुलित आहार, कुपोषण की पहचान, टीकाकरण की समय-सारिणी और रिकॉर्ड संधारण की तकनीकी जानकारी दी जा रही है।
विशेषज्ञों ने बताया कि बच्चों के मानसिक एवं शारीरिक विकास के लिए शुरुआती पांच वर्ष अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं। इस दौरान सही पोषण, नियमित स्वास्थ्य जांच और प्रारंभिक शिक्षा अत्यावश्यक है। प्रशिक्षण में पोषण ट्रैकिंग, डिजिटल रिपोर्टिंग और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी चर्चा हुई।
जमीनी अनुभव और चुनौतियां
आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण संवादात्मक शैली में आयोजित किया गया, जहां कार्यकत्रियों ने अपने अनुभव साझा किए। ग्रामीण क्षेत्रों में कुपोषण, जागरूकता की कमी और संसाधनों की चुनौतियों पर खुलकर चर्चा हुई।
मुख्य सेविका अनीता यादव, स्नेहा गुप्ता, अनुज दुबे एवं विनोद सिंह सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। प्रशिक्षण के अगले दो दिनों में व्यावहारिक सत्र, केस स्टडी और योजनाओं की मॉनिटरिंग पर विशेष फोकस रहेगा।
गुणवत्ता सुधार की उम्मीद
इस आंगनवाड़ी प्रशिक्षण कार्यक्रम से क्षेत्र में आंगनवाड़ी सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रशिक्षित कार्यकत्रियां बच्चों के पोषण स्तर में सुधार लाने, गर्भवती व धात्री महिलाओं को बेहतर परामर्श देने और समयबद्ध टीकाकरण सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाएंगी।
सरकार द्वारा मानदेय वृद्धि की घोषणा से कार्यकत्रियों का मनोबल भी बढ़ेगा और वे अधिक समर्पण के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभा सकेंगी।

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