आत्मा की सोच – सोच का अहम्

शास्त्र कहते हैं कि जब शरीर मर
जाता है पर आत्मा जीवित रहती है,
वास्तविकता आज की है कि शरीर
तो जीवित है पर आत्मा मर चुकी है।

शक्ति प्रदर्शन तब ज़रूरी होता है
जब इरादे बुरा करने के होते हैं,
अन्यथा प्रेम, दया व क्षमा के भाव
ही सब कुछ पाने में सक्षम होते हैं।

यह सोचना कि उसे किसी की भी
ज़रूरत नहीं, तो उसका अहम् है,
और यदि यह सोचे कि हर किसी को
उसकी ज़रूरत है, यह उसका भ्रम है।

हवा, पानी, निद्रा, शान्ति और
जल हमें बिना पैसे दिये मिलते
रहते हैं, पर हमारे जीवन में यही
सबसे अधिक क़ीमती होते हैं ।

इंसान की स्वाभाविक प्रकृति है
जब तक उसका चाहा नहीं मिले
तब तक बिलकुल सब्र नहीं करता
और मिल जाए तो कद्र नहीं करता।

अभिमान के अभिमान की ताकत
महान को भी शैतान बना देती है,
नम्रता व सरलता साधारण व्यक्ति
को भी अत्यंत महान बना देती है।

सहज व सरल व्यवहार व्यक्ति
को महानता की ओर ले जाता है,
आदित्य दिखावा कर छल, कपट
करने वाला अधम कहा जाता है।

  • कर्नल आदि शंकर मिश्र, आदित्य
rkpnews@desk

Recent Posts

टापू बने गांव, पानी बना पहरेदार, सोहगी बरवां में विकास की राह अब भी अधूरी

रोहुआ नाला पार करना रोज की मजबूरी, स्कूल तक पहुंचने में भी जल-भराव का रोड़ा,…

26 minutes ago

आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों का मानदेय बढ़ा, अब मिलेंगे 12 हजार रुपये

सहायिकाओं को छह हजार प्रतिमाह, पांच लाख रुपये तक कैशलेश स्वास्थ्य बीमा की भी सौगात…

32 minutes ago

प्रो. के. पी. सिंह ने दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के कुलपति का कार्यभार ग्रहण किया

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के नव नियुक्त कुलपति प्रो. कृष्ण पाल…

47 minutes ago

सीएचसी बनकटी में वसूली की शिकायत, जांच की मांग

भाजपा मंडल अध्यक्ष ने स्टाफ नर्स पर लगाए आरोप, इलाज-टीकाकरण के नाम पर रुपये लेने…

49 minutes ago

ध्रुव की अटूट भक्ति का प्रसंग सुन भावविभोर हुए श्रद्धालु

बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। हुसैनपुर स्थित ठाकुरबाड़ी मंदिर परिसर में चल रहे श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पूजा…

59 minutes ago

भारतीय भाषाओं में ज्ञान-विज्ञान का विस्तार जरूरी, बीबीएयू में दो दिवसीय कार्यशाला का समापन

भारतीय भाषाओं को शिक्षा, शोध और ज्ञान-सृजन का सशक्त माध्यम बनाने पर जोर लखनऊ (राष्ट्र…

1 hour ago