बलिया(राष्ट्र की परम्परा)
बलिया-बैरिया राष्ट्रीय राजमार्ग-31 पर स्थित हल्दी चट्टी क्षेत्र के लगभग 29 गांवों के लोगों का प्रतिदिन आना-जाना होता है। यह चट्टी बलिया, बैरिया, सहतवार और बिहार के नैनीजोर व ब्रह्मपुर जैसे कई इलाकों को जोड़ती है। ‘राजा का गांव’ के नाम से विख्यात यह चट्टी आवागमन और व्यवसाय की दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण है। चट्टी से लेकर बाजार तक सैकड़ों दुकानें—मिठाई, पान, बीड़ी-सिगरेट, कपड़े, मटन-मछली-मुर्गा, गिट्टी, सीमेंट, छड़, बालू, चाट-छोले और फल आदि—सजी रहती हैं, जिससे यहां प्रतिदिन हजारों लोगों की भीड़ उमड़ती है। इसके अलावा स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और बड़ौदा यूपी बैंक की शाखाएं भी यहां स्थित हैं, जिससे आमजन का आना-जाना निरंतर बना रहता है। लेकिन अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि इतनी व्यस्त और प्रमुख चट्टी पर एक भी सुलभ शौचालय की व्यवस्था नहीं है। इसका खामियाजा खासतौर पर महिलाओं और युवतियों को भुगतना पड़ रहा है, जिन्हें खुले में जाने की मजबूरी झेलनी पड़ती है। जनसुविधाओं की घोर अनदेखी से ग्रामीणों में नाराजगी है। बताया गया कि मुख्य मार्ग पर ग्राम समाज की जमीन उपलब्ध होने के बावजूद ग्राम प्रधान सुलभ शौचालय के निर्माण में असमर्थता जता रहे हैं, जबकि स्थानीय दबंगों की उस जमीन पर नजर बनी हुई है। क्षेत्रीय ग्रामीणों ने इस गंभीर समस्या की ओर जिलाधिकारी बलिया का ध्यान आकृष्ट करते हुए जनहित में अविलंब सुलभ शौचालय निर्माण की मांग की है।
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