31 अगस्त तक ढाबों, होटलों और ईंट-भट्ठों पर चलेगा बाल श्रम के खिलाफ विशेष अभियान

डीएम ने दिए सघन जांच के निर्देश, बाल श्रमिक मिलने पर होगी कड़ी कार्रवाई

महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा )। जनपद को बाल श्रम मुक्त बनाने की दिशा में प्रशासन ने अभियान तेज कर दिया है। सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी गौरव सिंह सोंगरवाल की अध्यक्षता में आयोजित श्रम विभाग की जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक में बाल श्रम उन्मूलन को लेकर व्यापक रणनीति तैयार की गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि 31 अगस्त 2026 तक जनपद के सभी ढाबों, होटलों, रेस्टोरेंट, ईंट-भट्ठों, कार्यशालाओं, दुकानों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का सघन निरीक्षण कर यह सुनिश्चित किया जाए कि कहीं भी कोई बच्चा बाल श्रमिक के रूप में कार्यरत न मिले।
बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि बाल श्रम केवल कानून का उल्लंघन ही नहीं, बल्कि समाज के भविष्य के साथ खिलवाड़ भी है। ऐसे में इसे जड़ से समाप्त करने के लिए सभी विभागों को समन्वय बनाकर कार्य करना होगा। उन्होंने टास्क फोर्स में नामित निरीक्षण अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे नियमित रूप से क्षेत्रीय भ्रमण करें और निरीक्षण अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करें। किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
डीएम ने श्रम प्रवर्तन अधिकारी को निर्देश दिया कि यदि किसी भी प्रतिष्ठान में बालक या बालिका कार्य करते हुए पाए जाते हैं तो उन्हें तत्काल मुक्त कराया जाए। साथ ही उनके पुनर्वास, शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि बाल श्रम से मुक्त कराए गए बच्चों को दोबारा शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसके लिए शिक्षा विभाग, समाज कल्याण विभाग और श्रम विभाग संयुक्त रूप से कार्य करेंगे।
बैठक के दौरान बाल श्रम उन्मूलन अभियान के तहत पूर्व में की गई कार्रवाई की समीक्षा भी की गई। उन्होंने सभी उपजिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि बाल श्रम मामलों में जारी आरसी की समीक्षा कर प्रभावी वसूली सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि कानून का उल्लंघन करने वाले नियोक्ताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति बच्चों से मजदूरी कराने का साहस न कर सके। उन्होंने कहा कि बाल श्रम की रोकथाम केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक की भी नैतिक जिम्मेदारी है। यदि कहीं कोई बच्चा मजदूरी करता दिखाई दे तो इसकी सूचना तत्काल संबंधित विभाग या प्रशासन को दी जानी चाहिए, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। उन्होंने कहा
बाल श्रम सामाजिक अपराध है। बच्चों के हाथों में किताबें होनी चाहिए, मजदूरी के औजार नहीं। किसी भी प्रतिष्ठान में बाल श्रमिक मिलने पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी महेंद्र कुमार सिंह, श्रम प्रवर्तनअधिकारी गणेश कुमार, क्षेत्राधिकारी सदर अंकुर गौतम, जिला समाज कल्याण अधिकारी विपिन कुमार, जिला सूचना अधिकारी प्रभाकर मणि त्रिपाठी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सुरजीत कुमार सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहें।

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