बाढ़ नियंत्रण कक्ष ने जारी की रिपोर्ट, प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिले में बीते 24 घंटे के भीतर हुई बारिश से घाघरा, राप्ती और कुआनों नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष, इंजेनेज खंड-2 की दैनिक रिपोर्ट के अनुसार कई गेज स्टेशनों पर जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है, जिससे तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है।
घाघरा नदी का जलस्तर एल्गिन ब्रिज पर 106.040 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान (106.070 मी.) से महज कुछ सेंटीमीटर नीचे है। वहीं अयोध्या में नदी का जलस्तर 92.280 मीटर रिकॉर्ड किया गया है, जो खतरे के स्तर 92.730 मीटर के काफी करीब है। दोनों स्थानों पर क्रमशः 2.4 मिमी और 5 मिमी बारिश दर्ज की गई है।
बिड़हर घाट (संकरा) पर भी जलस्तर 78.200 मीटर दर्ज किया गया है, जबकि खतरे का निशान 79.400 मीटर है। यहां भी बहाव में तेजी बनी हुई है।
राप्ती नदी की बात करें तो काकरघाटी पर जलस्तर 128.570 मीटर और रिगोली में 74.880 मीटर रिकॉर्ड किया गया है। दोनों ही स्थानों पर अभी खतरे की सीमा से थोड़ा नीचे पानी बह रहा है, लेकिन स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
कुआनों नदी में भी पानी का बहाव तेज हो गया है। मुखलिसपुर (संकरा) गेज स्टेशन पर सबसे अधिक 12.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई और जलस्तर 73.840 मीटर पहुंच गया। वहीं चंद्रदीप घाट पर जलस्तर 85.710 मीटर दर्ज हुआ, जो खतरे के निशान 88.840 मीटर से नीचे है।
जलस्तर में लगातार वृद्धि को देखते हुए जिला प्रशासन ने बाढ़ की आशंका वाले क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष के मुताबिक सभी गेज स्टेशनों पर जलस्तर की मॉनिटरिंग की जा रही है। नदी किनारे बसे गांवों के लिए अलर्ट जारी कर दिया गया है।
बाढ़ नियंत्रण कक्ष शुक्रवार सुबह 8 बजे तक की स्थिति को ध्यान मे रखते हुए प्रशासन ने राहत एवं बचाव दलों को तैयार रहने के निर्देश दिए हैं।