चनकौली में कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ उग्र हुआ आंदोलन, पांचवें दिन भी जारी रहा क्रमिक अनशन

जांच की तिथि घोषित होने के बावजूद रिपोर्ट सार्वजनिक होने तक पीछे हटने को तैयार नहीं ग्रामीण,सिर्फ जांच की घोषणा नहीं, दोषियों पर कार्रवाई चाहिए—-
अनशनकारी

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। सिसवां ब्लाक अंतर्गत ग्राम सभा चनकौली में कथित भ्रष्टाचार और विकास कार्यों में अनियमितताओं के आरोपों को लेकर जिला मुख्यालय पर चल रहा ग्रामीणों का क्रमिक अनशन लगातार तेज होता जा रहा है। मंगलवार को आंदोलन का पांचवां दिन रहा, लेकिन अनशनकारियों का रुख पहले से अधिक सख्त नजर आया। ग्रामीणों ने साफ शब्दों में कहा कि जब तक पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की जाती और दोषियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन समाप्त नहीं होगा।
अनशन पर बैठे रामसनेही निषाद, श्रीराम सैनी और अवधेश कुमार ने कहा कि ग्राम पंचायत में विकास कार्यों के नाम पर बड़े पैमाने पर अनियमितताएं और सरकारी धन के दुरुपयोग की शिकायतें लंबे समय से उठती रही हैं। इसके बावजूद अब तक जिम्मेदार लोगों पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। उनका कहना है कि जब तक मामले की पारदर्शी जांच कर दोषियों की जिम्मेदारी तय नहीं की जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
ग्रामीणों ने बताया कि आंदोलन को प्रभावी बनाए रखने के लिए रणनीति भी तय की गई है। इसके तहत दो सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल ग्राम पंचायत चनकौली में मौजूद रहकर जांच प्रक्रिया पर नजर रखेगा, जबकि अन्य ग्रामीण जिला मुख्यालय स्थित अनशन स्थल पर डटे रहेंगे। ग्रामीणों का कहना है कि अब वे किसी भी स्थिति में आंदोलन से पीछे हटने वाले नहीं हैं।
अनशनकारियों के अनुसार मंगलवार सुबह डीपीआरओ कार्यालय से फोन कर जानकारी दी गई कि ग्राम पंचायत चनकौली की जांच के लिए 12 मार्च की तिथि निर्धारित कर दी गई है। हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि केवल जांच की तिथि घोषित कर देना पर्याप्त नहीं है। उनका स्पष्ट कहना है कि जब तक जांच पूरी कर रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की जाती और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका क्रमिक अनशन जारी रहेगा।
ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत में विकास कार्यों के नाम पर सरकारी धन के दुरुपयोग और फर्जी भुगतान की शिकायत पहले ही जिलाधिकारी से की जा चुकी है। जिलाधिकारी द्वारा जांच के आदेश भी दिए गए थे, लेकिन अब तक जांच पूरी कर रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई है। इससे ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति असंतोष और नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही है।
अनशन पर बैठे ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कराई जाए तथा रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए। यदि जांच में कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द ही ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
इस दौरान समाजसेवी रामसनेही निषाद सहित अवधेश कुमार, श्रीराम सैनी, दीपक, मनोज, रवि धारिया, वल्लू शर्मा, हरिपाल निषाद, निरंजन, सुकई भारती, महेंद्र भारती और सुभाष समेत कई ग्रामीण अनशन में शामिल रहे और प्रशासन से न्याय की मांग करते रह है।

rkpnews@somnath

Recent Posts

‘विद्यार्थी दर्पण’ का भव्य अनावरण: शिक्षा में नवाचार और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की नई पहल

गोपालगंज (राष्ट्र की परम्परा)। बिहार के Gopalganj में शिक्षा के क्षेत्र में एक नई पहल…

1 minute ago

जिलाधिकारी ने जनगणना-2027 प्रशिक्षण का किया निरीक्षण, दिए आवश्यक निर्देश

शाहजहांपुर (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश के Shahjahanpur में जनगणना-2027 की तैयारियों को लेकर प्रशासन…

15 minutes ago

नवानगर में दिव्यांगजन चिन्हांकन शिविर आयोजित, 41 लाभार्थियों का चयन

सिकंदरपुर /बलिया(राष्ट्र की परम्परा) दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं का लाभ पात्र लोगों…

23 minutes ago

सिकंदरपुर में 29 अप्रैल को मनाई जाएगी पृथ्वीराज चौहान जयंत

सिकंदरपुर /बलिया(राष्ट्र की परम्परा) जनता क्रान्ति पार्टी (राष्ट्रवादी) के तत्वावधान में वीर शिरोमणि पृथ्वीराज चौहान…

26 minutes ago

95 की उम्र में दुलारी देवी के हाथों खुला पेंशनर कक्ष, भावुक हुआ माहौल

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट परिसर मंगलवार को एक भावुक…

29 minutes ago

अभ्युदय योजना के लिए आवेदन 31 मई

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के तहत शैक्षणिक सत्र 2026-27 के…

32 minutes ago