आगरा में जिला स्तरीय एनसीसीओआरडी कमेटी व नशामुक्ति रोकथाम समिति की बैठक, 15 से अधिक विभागों ने बनाई संयुक्त कार्य योजना

आगरा,नकली दवाओं के सिंडिकेट पर कसेगा शिकंजा

आगरा में जिला स्तरीय एनसीसीओआरडी कमेटी व नशामुक्ति रोकथाम समिति की बैठक, 15 से अधिक विभागों ने बनाई संयुक्त कार्य योजना

आगरा (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)l जिलाधिकारी अरविन्द मल्लप्पा बंगारी की अध्यक्षता में शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय एनसीसीओआरडी कमेटी व नशामुक्ति रोकथाम समिति की बैठक एवं अन्तर विभागीय कार्यशाला आयोजित की गई। बैठक का मुख्य फोकस नशीली और नकली दवाओं के संगठित सिंडिकेट को तोड़ने पर रहा।

इस अवसर पर पूर्व डीजीपी गुजरात एवं फोरेंसिक कंसल्टेंट केशव कुमार ने विस्तृत प्रेजेंटेशन देते हुए बताया कि नकली और नशीली दवाओं के कारोबार का नेटवर्क पूरे देश में फैला है और यह लगातार चुनौती बनता जा रहा है। उन्होंने चिंता जताई कि इस तरह के मामलों में अभी मात्र 2 प्रतिशत ही दोष सिद्धि हो पाती है। उन्होंने कहा कि यदि वैज्ञानिक तकनीकों के माध्यम से मौके पर ही साक्ष्य संकलित कर विभिन्न विभाग संयुक्त रूप से गहन जांच करें तो दोष सिद्धि को शत-प्रतिशत तक पहुंचाया जा सकता है।

श्री कुमार ने उदाहरण देते हुए बताया कि किस प्रकार संगठित कारोबारी आधुनिक तकनीकी का इस्तेमाल करते हैं। एक्सपायर दवाओं और पैकेज्ड फूड की डेट को स्कैनर के माध्यम से बदला जाता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ड्रग विभाग, पुलिस, नगर निगम, जीएसटी, श्रम, आयकर और खाद्य एवं औषधि प्रशासन सहित सभी विभागों की संयुक्त कार्रवाई से ही इस नेटवर्क पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है।

जिलाधिकारी श्री बंगारी ने बैठक में निर्देश दिए कि सभी संबंधित विभाग समन्वय स्थापित कर नकली व नशीली दवाओं के खिलाफ एक एसओपी (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) तैयार करें और उसके आधार पर प्रभावी कार्रवाई करें।

अवैध शराब व मादक पदार्थ पर भी सख्ती

बैठक में पुलिस विभाग द्वारा एनडीपीएस एक्ट के तहत हुई कार्रवाई, आबकारी विभाग द्वारा अवैध शराब की तस्करी के विरुद्ध की गई कार्यवाही तथा एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स की रिपोर्ट पर चर्चा हुई। जनपद में संचालित नशा मुक्ति केंद्रों का विवरण भी तलब किया गया। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जो केंद्र मद्य निषेध विभाग में पंजीकृत नहीं हैं, उन्हें मानक के अनुरूप संचालित कराया जाए।

छात्रों में जागरूकता अभियान

बैठक में निर्णय लिया गया कि जनपद के सभी विद्यालयों और कॉलेजों में मद्य निषेध विभाग एवं सिविल डिफेंस संयुक्त रूप से जागरूकता कार्यक्रम चलाएंगे, ताकि युवा वर्ग को नशे की चपेट से बचाया जा सके।

शिकायत और सहायता के लिए हेल्पलाइन

कार्यशाला में बताया गया कि मद्य निषेध विभाग द्वारा संचालित 1933 मानस हेल्पलाइन नंबर पर कोई भी नागरिक अवैध मादक पदार्थ की तस्करी की सूचना निःशुल्क दे सकता है। वहीं, टोल फ्री नंबर 14446 पर कॉल करके नशामुक्ति और काउंसलिंग से संबंधित सहायता प्राप्त की जा सकती है।

बैठक में मौजूद अधिकारी

बैठक में अपर जिलाधिकारी नगर यमुनाधर चौहान, डीसीपी सिटी सोनम कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट वेद सिंह चौहान, सहायक आयुक्त खाद्य महेन्द्र श्रीवास्तव, एसीपी शमशाबाद ग्रिस कुमार, जिला आबकारी अधिकारी कृष्णपाल यादव, जीएसटी से मृत्युंजय कुमार सिंह, सिविल डिफेंस से संगीता त्रिपाठी, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजीव वर्मा, एंटीनारकोटिक्स विभाग और मंडल के सभी ड्रग इंस्पेक्टर सहित 15 से अधिक विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

जिलाधिकारी अरविन्द मल्लप्पा बंगारी की अध्यक्षता में शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय एनसीसीओआरडी कमेटी व नशामुक्ति रोकथाम समिति की बैठक एवं अन्तर विभागीय कार्यशाला आयोजित की गई। बैठक का मुख्य फोकस नशीली और नकली दवाओं के संगठित सिंडिकेट को तोड़ने पर रहा।

इस अवसर पर पूर्व डीजीपी गुजरात एवं फोरेंसिक कंसल्टेंट श्री केशव कुमार ने विस्तृत प्रेजेंटेशन देते हुए बताया कि नकली और नशीली दवाओं के कारोबार का नेटवर्क पूरे देश में फैला है और यह लगातार चुनौती बनता जा रहा है। उन्होंने चिंता जताई कि इस तरह के मामलों में अभी मात्र 2 प्रतिशत ही दोष सिद्धि हो पाती है। उन्होंने कहा कि यदि वैज्ञानिक तकनीकों के माध्यम से मौके पर ही साक्ष्य संकलित कर विभिन्न विभाग संयुक्त रूप से गहन जांच करें तो दोष सिद्धि को शत-प्रतिशत तक पहुंचाया जा सकता है।

श्री कुमार ने उदाहरण देते हुए बताया कि किस प्रकार संगठित कारोबारी आधुनिक तकनीकी का इस्तेमाल करते हैं। एक्सपायर दवाओं और पैकेज्ड फूड की डेट को स्कैनर के माध्यम से बदला जाता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ड्रग विभाग, पुलिस, नगर निगम, जीएसटी, श्रम, आयकर और खाद्य एवं औषधि प्रशासन सहित सभी विभागों की संयुक्त कार्रवाई से ही इस नेटवर्क पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है।

जिलाधिकारी श्री बंगारी ने बैठक में निर्देश दिए कि सभी संबंधित विभाग समन्वय स्थापित कर नकली व नशीली दवाओं के खिलाफ एक एसओपी (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) तैयार करें और उसके आधार पर प्रभावी कार्रवाई करें।

अवैध शराब व मादक पदार्थ पर भी सख्ती

बैठक में पुलिस विभाग द्वारा एनडीपीएस एक्ट के तहत हुई कार्रवाई, आबकारी विभाग द्वारा अवैध शराब की तस्करी के विरुद्ध की गई कार्यवाही तथा एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स की रिपोर्ट पर चर्चा हुई। जनपद में संचालित नशा मुक्ति केंद्रों का विवरण भी तलब किया गया। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जो केंद्र मद्य निषेध विभाग में पंजीकृत नहीं हैं, उन्हें मानक के अनुरूप संचालित कराया जाए।

छात्रों में जागरूकता अभियान

बैठक में निर्णय लिया गया कि जनपद के सभी विद्यालयों और कॉलेजों में मद्य निषेध विभाग एवं सिविल डिफेंस संयुक्त रूप से जागरूकता कार्यक्रम चलाएंगे, ताकि युवा वर्ग को नशे की चपेट से बचाया जा सके।

शिकायत और सहायता के लिए हेल्पलाइन

कार्यशाला में बताया गया कि मद्य निषेध विभाग द्वारा संचालित 1933 मानस हेल्पलाइन नंबर पर कोई भी नागरिक अवैध मादक पदार्थ की तस्करी की सूचना निःशुल्क दे सकता है। वहीं, टोल फ्री नंबर 14446 पर कॉल करके नशामुक्ति और काउंसलिंग से संबंधित सहायता प्राप्त की जा सकती है।

बैठक में मौजूद अधिकारी

बैठक में अपर जिलाधिकारी नगर यमुनाधर चौहान, डीसीपी सिटी सोनम कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट वेद सिंह चौहान, सहायक आयुक्त खाद्य महेन्द्र श्रीवास्तव, एसीपी शमशाबाद ग्रिस कुमार, जिला आबकारी अधिकारी कृष्णपाल यादव, जीएसटी से मृत्युंजय कुमार सिंह, सिविल डिफेंस से संगीता त्रिपाठी, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजीव वर्मा, एंटीनारकोटिक्स विभाग और मंडल के सभी ड्रग इंस्पेक्टर सहित 15 से अधिक विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।