बलिया(राष्ट्र की परम्परा)
इस वर्ष नौतपा 25 मई से शुरू हो रहा है और यह 2 जून 2025 तक चलेगा। इस अवधि को वर्ष के सबसे गर्म और शरीर पर सर्वाधिक असर डालने वाले दिनों में गिना जाता है। आयुर्वेद और ज्योतिष शास्त्रों के अनुसार, जब सूर्य ज्येष्ठ माह में रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करता है, तब नौतपा की शुरुआत होती है। इस दौरान पृथ्वी को सूर्य की किरणें सीधी और तीव्र रूप में प्राप्त होती हैं, जिससे तापमान अत्यधिक बढ़ जाता है।
पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, नौतपा के दौरान सूर्य की गर्मी पृथ्वी पर गहराई से असर डालती है। वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखें तो यह समय उत्तर भारत में लू, हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और स्किन प्रॉब्लम्स का कारण बन सकता है। विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और बीपी, डायबिटीज या अस्थमा से पीड़ित लोगों के लिए यह समय अधिक संवेदनशील होता है।
अधिक गर्मी से बीपी बढ़ सकता है, जिससे दिल की कार्यप्रणाली पर असर पड़ता है।शुगर लेवल फ्लक्चुएट कर सकता है, जिससे चक्कर, कमजोरी या बेहोशी हो सकती है।गर्म हवा और धूल से सांस लेने में परेशानी हो सकती है। बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है, जिससे गर्मी का प्रभाव जल्दी होता है।
दिनभर
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