देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बाढ़ प्रभावित 24 अतिसंवेदनशील जनपदों के आला अधिकारियों संग बैठक की। बैठक में मुख्यमंत्री ने 15 जून से पूर्व बाढ़ की तैयारियों को पूर्ण करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री के निर्देश के क्रम में जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने कलेक्ट्रेट स्थित एनआईसी में बाढ़ नियंत्रण से जुड़ी तैयारियों की समीक्षा की।
जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद में पिडरा, एकौना, डढ़िया, मदनपुर केवटलिया, छितुपुर-भागलपुर, पिंडी, शीतलमाझा, गायघाट एवं नदावर आदि 9 स्थानों पर बाढ़ नियंत्रण चौकियां स्थापित की गई है जो 24×7 क्रियाशील रहेंगी। जनपद में आठ संवेदनशील तटबंध चिन्हित किए गए हैं। जिलाधिकारी अधिशासी अभियन्ता बाढ़ नियंत्रण को सभी आठ संवेदनशील तटबंधों की निगरानी करने का निर्देश दिया और कहा कि यदि किसी तटबंध में कोई कमी दिखे तो उसे समय रहते दूर कर लिया जाए। गोर्रा नदी पर पाण्डेयमाझा-जोगिया तटबंध की विशेष निगरानी की जाए। डीएम ने बताया कि दो वायरलेस स्टेशन पर पिडरा घाट एवं पिंडी में स्थापित किया जाएगा, जो 15 जून से 21 अक्टूबर 2023 तक संचालित रहेगा।
जिलाधिकारी ने बताया कि तटबंधों के सुरक्षार्थ रेट होल्स को चिन्हित कर भरवाने का कार्य पूर्ण करा लिया गया है।आवश्यकतानुसार तटबंधों पर रेनकट्स इत्यादि का कार्य कराया गया है। तटबंध की सतत निगरानी की जा रही है।जनपद में नदियों के गेज लेने के लिए भेड़ी, बरहज, पिंडरा एवं नदावर में गेज स्थल स्थापित किए गए हैं। वर्षा जल निकासी हेतु तटबंध पर 22 रेगुलेटर निर्मित हैं। क्षतिग्रस्त रेगुलेटरों की मरम्मत, आयलिंग, ग्रीसिंग आदि का कार्य करा दिया गया है।
जिलाधिकारी ने बताया कि 25 तटबंधों पर 53 बाढ़ सुरक्षा समितियां गठित की गई हैं, जिसमें जूनियर इंजीनियर, ग्राम प्रधान, भूतपूर्व प्रधान एवं ग्राम के गणमान्य नागरिक सम्मिलित हैं। इसके अतिरिक्त बाढ़ संभावित क्षेत्रों में कैपेसिटी बिल्डिंग के लिए विशेष सत्र आयोजित करने का भी निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने बताया कि बाढ़ की आपात स्थिति में लोगों की आवागमन को सुचारू बनाए रखने के लिए 13 बड़ी नाव ,120 मझौली नाव एवं 116 छोटी नाव सहित 249 नावों की व्यवस्था कर ली गई है। इसी प्रकार बरहज तहसील में 9 एवं रुद्रपुर तहसील में 15 अर्थात कुल 24 गोताखोरों की सूची भी बना ली गई है जो किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए उपलब्ध रहेंगे।जिलाधिकारी ने बाढ़ नियंत्रण विभाग को बाढ़ नियंत्रण से जुड़े समस्त 14 परियोजनाओं को 15 जून तक पूर्ण करने का निर्देश दिया।
जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को चिकित्सा से जुड़े तैयारियां पूरी करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि एंटी स्नेक वेनम की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ ही पैरा मेडिकल स्टाफ की लाइन लिस्टिंग कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारियों को बाढ़ संभावित क्षेत्रों में पशुओं का टीकाकरण समय रहते करने का निर्देश दिया। 30 जून तक सभी प्रमुख नालों की सफाई कर ली जाए।
बैठक में सीडीओ रवींद्र कुमार, सीएमओ डॉ राजेश झा, एडीएम वित्त एवं राजस्व नागेंद्र कुमार सिंह, अधिशासी अभियंता बाढ़ नियंत्रण एनके जाडिया, सीवीओ डॉ अरविंद कुमार वैश्य, ईओ नगर पालिका रोहित सिंह समेत विभिन्न अधिकारी मौजूद थे।
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