उतरौला/बलरामपुर (राष्ट्र की परम्परा)
उतरौला क्षेत्र के प्रमुख शिक्षण संस्थानों में से एक उतरौला सिटी मॉन्टेसरी इंटर कॉलेज तक पहुंचने वाला मार्ग जर्जर स्थिति में है, जिससे विद्यालय के छात्र-छात्राओं, अभिभावकों और शिक्षकों को प्रतिदिन भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्कूल प्रशासन और स्थानीय नागरिकों ने जिलाधिकारी से इस मार्ग का अविलंब निर्माण कराए जाने की मांग की है।
यह विद्यालय उतरौला से बलरामपुर मुख्य मार्ग पर स्थित है, और रमवापुर एवं बड़हराकोट गांव के बीच स्थित मुख्य हाईवे से कॉलेज तक पहुंचने के लिए करीब 400 मीटर की दूरी तय करनी पड़ती है। यह पूरी दूरी कीचड़, गड्ढों और ऊबड़-खाबड़ रास्तों से भरी है। पक्की सड़क का अभाव यहां के छात्रों और स्टाफ के लिए हर रोज की मुसीबत बन चुका है।
स्कूल प्रशासन के अनुसार, खासकर बरसात के मौसम में यह समस्या और गंभीर हो जाती है। रास्ते में पानी भर जाता है, जिससे फिसलन और दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। छात्र गीले जूते-जुराबों में स्कूल पहुंचते हैं, कई बार गिरकर चोटिल भी हो जाते हैं। दोपहिया वाहनों से आने-जाने वाले शिक्षक भी फिसलन और कीचड़ से जूझते हैं।
विद्यालय के पास रहने वाले अभिभावक रामकेश ने बताया, “हम रोज अपने बच्चों को स्कूल भेजते हैं लेकिन डर लगा रहता है कि कहीं रास्ते में गिर न जाएं या कोई दुर्घटना न हो जाए।” वहीं कक्षा 10 की छात्रा अनुष्का ने बताया, “हर दिन जूते खराब हो जाते हैं, कपड़े गंदे हो जाते हैं। कई बार तो हमें स्कूल पहुंचने में देरी भी हो जाती है।”
विद्यालय प्रशासन ने जिलाधिकारी बलरामपुर से मांग की है कि इस जर्जर मार्ग को RCC सड़क के रूप में तत्काल निर्माण कराया जाए जिससे छात्रों , अध्यापकों तथा अभिभावकों को विद्यालय आने में परेशानी का सामना न करना पड़े। प्रबंधन का कहना है कि यदि समय रहते इस सड़क की मरम्मत नहीं की गई तो आने वाले मानसून में विद्यार्थियों की उपस्थिति पर असर पड़ेगा।
विद्यालय प्रबंधक ने बताया, “हम शिक्षा का मंदिर चला रहे हैं, जहां रोजाना सैकड़ों छात्र-छात्राएं शिक्षा ग्रहण करने आते हैं। परंतु जब रास्ता ही ऐसा होगा तो बच्चे कैसे आएंगे? यह केवल स्कूल की नहीं, भविष्य की लड़ाई है। प्रशासन को अविलंब कार्यवाही करनी चाहिए।”
विद्यालय की ओर से स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी इस समस्या से अवगत कराया गया है और मार्ग निर्माण के लिए तत्परता से पहल करने की अपेक्षा जताई गई है।
संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिले के नगर पंचायत मगहर में नालों की सफाई…
कपरवार/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)l मछली पालन, झींगा पालन, मछली विक्रेताओं, मत्स्य सहकारी समितियों, मछुआरा समूहों और…
संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। तहसील खलीलाबाद, मेंहदावल और धनघटा के अंतर्गत आने वाली…
संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा-2025 को निष्पक्ष, पारदर्शी,…
गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के सात विद्यार्थियों का चयन इको नेटवर्क…
संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। प्रभादेवी स्नातकोत्तर महाविद्यालय, खलीलाबाद के शारीरिक शिक्षा संकाय (बीपीएड)…