
पटना (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) के बाढ़ अनुमंडल में ऐसा दर्दनाक मंजर सामने आया जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। जामुनीचक गांव के पास एनएच-30ए पर तेज रफ्तार थार ने पैदल जा रहे एक ही परिवार को कुचल डाला। सड़क पर फैली चीख-पुकार और चार मासूम जिंदगियों का अचानक बुझ जाना सबके दिल को दहला गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, थार चालक नशे में धुत था और बेकाबू रफ्तार में गाड़ी चला रहा था। अचानक वाहन ने सड़क किनारे जा रहे परिवार पर चढ़ाई मार दी। इस दर्दनाक हादसे में दो महिलाओं और दो बच्चियों की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं एक अन्य किशोरी को गंभीर हालत में पटना पीएमसीएच भेजा गया है, जहां उसकी जिंदगी और मौत के बीच जंग जारी है।
हादसे के बाद गुस्साए लोगों का सब्र टूट गया। उन्होंने सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। एनएच-30ए घंटों तक जाम रहा। भीड़ ने टायर जलाकर आगजनी की और हंगामा मच गया। मौके पर पहुंची पुलिस को हालात काबू में करने में खासी मशक्कत करनी पड़ी।
गांव में मातम पसरा है। जिस परिवार की खुशियां पलभर में उजड़ गईं, उसकी चीख-पुकार सुनकर हर किसी की आंखें नम हो गईं। ग्रामीणों का आरोप है कि शराब के नशे में धुत चालक ने यह वारदात की और घटना के बाद मौके से फरार हो गया।
यह हादसा सिर्फ एक सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि शराबखोरी और लापरवाही का वह स्याह चेहरा है जिसने मासूम जिंदगियों को निगल लिया। सवाल यह उठता है कि शराबबंदी वाले राज्य में आखिर शराब और नशे की हालत में वाहन चलाने की घटनाएं कब थमेंगी?
