पटना (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)बिहार सरकार ने आंगनबाड़ी केंद्रों को बच्चों की शिक्षा और पोषण का मजबूत आधार बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। चुनाव के बाद यह नई व्यवस्था पूरे प्रदेश में लागू होगी। अब आंगनबाड़ी केंद्र सिर्फ पोषाहार वितरण का माध्यम नहीं रहेंगे, बल्कि स्कूल जैसी दिनचर्या के साथ बच्चों को पढ़ाई और अनुशासन से भी जोड़ा जाएगा।
नई व्यवस्था के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों पर सुबह घंटी बजेगी, बच्चे प्रार्थना करेंगे और उसके बाद पढ़ाई का सत्र चलेगा। निर्धारित समय पर बच्चों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराया जाएगा। इसके साथ ही महीने में एक बार अभिभावक बैठक आयोजित होगी, जिसमें बच्चों की स्वास्थ्य रिपोर्ट साझा की जाएगी।
सरकार ने बच्चों को एक जैसी ड्रेस उपलब्ध कराने की भी पहल की है। यह यूनिफॉर्म जीविका दीदियों के माध्यम से वितरित की जा रही है और जिन जिलों में यह प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, वहां यूनिफॉर्म पहनकर आना अनिवार्य कर दिया गया है। इससे बच्चों में न केवल अनुशासन की भावना विकसित होगी बल्कि उन्हें स्कूल जैसी वातावरण का भी अनुभव मिलेगा।
आंगनबाड़ी केंद्रों को रंगीन और आकर्षक बनाने की योजना भी शुरू की गई है। केंद्रों की दीवारों पर फूल, फल, जानवर और पक्षियों की चित्रकारी कराई जाएगी ताकि बच्चे खेल-खेल में सीखने की प्रक्रिया से जुड़ सकें।
सरकार का दावा है कि इस नई पहल से बच्चों की नियमित उपस्थिति बढ़ेगी, उन्हें संतुलित पोषण मिलेगा और साथ ही प्राथमिक शिक्षा की मजबूत नींव तैयार होगी। यह कदम ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में बच्चों के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक बड़ा बदलाव साबित होगा।
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