संत कबीर नगर(राष्ट्र की परम्परा)।मानवाधिकार दिवस पूरे विश्व के लिए एक ऐसा अवसर प्रदान करता है जहां सहयोग, समन्वय सेवा भाईचारा के माध्यम से जरूरतमंदों की मदद की जा सके। उक्त बातें भारत तिब्बत समन्वय संघ के सह संयोजक (प्रचार व आईटी प्रभाग) ने शनिवार को मानवाधिकार दिवस के अवसर पर जारी एक विज्ञप्ति में कही। उन्होंने कहा कि निर्वासित तिब्बतियों का सहयोग करना प्रत्येक भारतीय का कर्त्तव्य है। तिब्बती भी भारत के अंग है तथा उनकी सहायता करना प्रत्येक भारतीय का कर्त्तव्य होना चाहिए। उन्होंने कहा कि 50 लाख तिब्बती शरणार्थी भारत में भटक रहे है, जबकि वर्तमान समय में गुलाम बनाना किसी भी देश के लिए वैधानिक नहीं है। तिब्बती भी भारतीय संस्कृति से रच बस गए है, उनके के साथ पूरा देश खड़ा है।
उन्होंने चीन द्वारा किए जा रहे अत्याचार की निंदा की तथा पूरी दुनियां से तिब्बत को सहायता देने की अपील किया।
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