अटलांटिक में तनाव: अमेरिका ने रूसी झंडे वाला तेल टैंकर किया जब्त, रूस ने बताया समुद्री डकैती

अटलांटिक महासागर में अमेरिका और रूस के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है। अमेरिका ने रूसी झंडे वाले तेल टैंकर ‘मरीनेरा’ को जब्त कर लिया, जिसके बाद दोनों देशों के बीच टकराव जैसी स्थिति बन गई है। रूस ने इस कार्रवाई को सीधे तौर पर “समुद्री डकैती” करार दिया है।
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, जिस समुद्री क्षेत्र में यह ऑपरेशन किया गया, वहां रूसी पनडुब्बियां और युद्धपोत मौजूद थे। वहीं, रूसी परिवहन मंत्रालय का कहना है कि यूएस नेवी द्वारा टैंकर पर चढ़ने के बाद से जहाज से संपर्क पूरी तरह टूट गया है।

अमेरिकी कार्रवाई पर रूस का तीखा बयान

न्यूज एजेंसी TASS के मुताबिक, रूसी विदेश मंत्रालय ने कहा है कि वह मरीनेरा टैंकर पर अमेरिकी सैन्य लैंडिंग की स्थिति पर करीबी नजर बनाए हुए है। मॉस्को ने टैंकर पर मौजूद रूसी नागरिकों की तत्काल जानकारी मांगी है और अमेरिका से चालक दल के साथ मानवीय व सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करने की मांग की है।

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ब्रिटेन ने दिया अमेरिका का साथ

इस अभियान में ब्रिटेन ने भी अमेरिका का समर्थन किया। ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि रॉयल एयर फोर्स (RAF) ने निगरानी मिशन के जरिए अमेरिकी ऑपरेशन को सहयोग दिया। मंत्रालय ने दावा किया कि यह कदम अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत उठाया गया है।

वेनेजुएला से जुड़े दो प्रतिबंधित टैंकर जब्त

अमेरिका का कहना है कि उसने उत्तरी अटलांटिक और कैरेबियन सागर में अलग-अलग कार्रवाइयों के तहत वेनेजुएला से जुड़े दो प्रतिबंधित तेल टैंकर जब्त किए हैं। इनमें से एक टैंकर पर रूसी झंडा लगा हुआ था। हालांकि, एक अन्य वेनेजुएला से जुड़ा टैंकर अमेरिकी कोस्ट गार्ड को चकमा देकर फरार हो गया।

यूएस होम डिपार्टमेंट का बयान

यूएस होम डिपार्टमेंट की सेक्रेटरी क्रिस्टी नोएम ने कहा,
“यूएस कोस्ट गार्ड ने शैडो फ्लीट के दो टैंकर बेला-1 और सोफिया को जब्त किया है। पीछा किए जाने के दौरान इन जहाजों ने अपना झंडा बदला और नाम भी बदल दिया था।”

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वेनेजुएला के तेल पर अमेरिका की रणनीति

अमेरिका ने संकेत दिए हैं कि ट्रंप प्रशासन ‘चुनिंदा तरीके’ से प्रतिबंध हटाकर वेनेजुएला के तेल की वैश्विक बाजारों में बिक्री और परिवहन को आसान बना सकता है।

न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि रूसी टैंकर को जब्त करने की कार्रवाई एक रात में नहीं, बल्कि कई हफ्तों की रणनीतिक तैयारी के बाद पूरी की गई।
व्हाइट हाउस के डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ स्टीफन मिलर ने सोशल मीडिया पर कहा,
“समुद्री ऊर्जा परिवहन की अनुमति केवल उन्हीं को मिलेगी जो अमेरिकी कानून और राष्ट्रीय सुरक्षा मानकों का पालन करते हों।”

Karan Pandey

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