
पटना/मनेर (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे और पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव ने एक बार फिर अपने तेवरों से सियासी पारा चढ़ा दिया है। मनेर में समर्थकों के बीच आयोजित सभा में तेजप्रताप ने पार्टी नेतृत्व और अपने विरोधियों पर जमकर निशाना साधा।
तेज प्रताप यादव ने कहा कि उन्हें संगठन से साज़िशन बाहर किया गया है, लेकिन जनता के दिल से कोई उन्हें नहीं निकाल सकता। उन्होंने अपने भाषण में तीखी टिप्पणी करते हुए कहा –
“बैलवा बेलगाम घूम रहा है। उसको आप लोग नाथने का काम कीजिए। जैसे भगवान कृष्ण ने कालिया नाग को नाथा था, उसी तरह मनेर की महान जनता बैलवा को नाथने का काम करेगी। बैलवा ने हमको संगठन से बाहर करवा दिया, लेकिन हमको संगठन से बाहर कर सकते हो, जनता के दिल से नहीं निकाल सकते।”
भाई बीरेंद्र पर सीधा हमला
तेज प्रताप यादव ने इस मौके पर विधायक भाई बीरेंद्र पर भी तीखा प्रहार किया। हाल ही में बीरेंद्र और एक पंचायत सचिव की बातचीत का कथित ऑडियो सामने आया था, जिसमें बीरेंद्र पर SC-ST समाज के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी और धमकी देने के आरोप लगे।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए तेज प्रताप यादव ने अपने एक्स (पूर्व ट्विटर) अकाउंट पर सवाल उठाया था –
“क्या राजद अपने विधायक भाई बीरेंद्र पर भी कार्रवाई करेगी, जिन्होंने बाबा साहेब आंबेडकर के आदर्शों के खिलाफ शर्मनाक टिप्पणी की और धमकी दी? मुझे तो जयचंदों की साज़िश के तहत पार्टी से बाहर कर दिया गया। अब देखना है कि बवाल करनेवालों पर भी पार्टी उतनी ही सख्ती दिखाती है या नहीं? संविधान का सम्मान केवल भाषणों में नहीं, आचरण में दिखना चाहिए।”
कार्यकर्ताओं में चर्चा, दोहरे मापदंड पर सवाल
तेज प्रताप यादव के इस बयान ने पार्टी के भीतर हलचल तेज कर दी है। कार्यकर्ताओं के बीच चर्चा है कि कहीं राजद अनुशासनात्मक कार्रवाई में दोहरे मापदंड तो नहीं अपना रही। एक ओर तेज प्रताप पर कठोर कदम उठाए गए, वहीं दूसरे मामलों में चुप्पी पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं।
भविष्य की सियासत का संकेत
तेज प्रताप ने अपने संबोधन में साफ कर दिया कि चाहे उन्हें संगठन से बाहर किया गया हो, लेकिन जनता से उनका जुड़ाव और संघर्ष जारी रहेगा। मनेर की जनता के साथ सीधा जुड़ाव दिखाकर उन्होंने संकेत दिया कि आने वाले समय में वे अपनी राजनीतिक राह अलग भी तय कर सकते हैं।