शिक्षक संघ कुलपति के समर्थन में, राजनीति से प्रेरित बताया गया विरोध
लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में चल रहे घटनाक्रम को लेकर बड़ा प्रशासनिक और शैक्षणिक बयान सामने आया है। KGMU शिक्षक संघ खुलकर कुलपति के समर्थन में आ गया है। शिक्षक संघ ने हालिया धरना-प्रदर्शन और पुतला दहन को राजनीति से प्रेरित कदम बताते हुए इसे विश्वविद्यालय की गरिमा और कुलपति की छवि धूमिल करने की साजिश करार दिया है।
शिक्षक संघ का कहना है कि पैथोलॉजी विभाग से जुड़ी जिस घटना को लेकर विवाद खड़ा किया गया, उस पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कराई। जांच रिपोर्ट को महिला आयोग और राज्य शासन को भेज दिया गया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि प्रशासन मामले को गंभीरता से लेते हुए नियमों के अनुसार कार्रवाई कर रहा है।
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मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने स्वयं पीड़िता से बातचीत की। इसके बाद आरोपी के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए उसे निलंबित कर दिया गया और विश्वविद्यालय परिसर में उसके प्रवेश पर तत्काल रोक लगा दी गई। शिक्षक संघ का कहना है कि यह कार्रवाई इस बात का प्रमाण है कि शासन और प्रशासन महिला सुरक्षा और न्याय के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।
शिक्षक संघ ने आरोप लगाया कि कुछ बाहरी तत्व विश्वविद्यालय के शांत शैक्षणिक माहौल को बिगाड़ने और KGMU की राष्ट्रीय स्तर पर बनी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं। संघ ने छात्रों और कर्मचारियों से अपील की है कि वे अफवाहों से दूर रहें और जांच पूरी होने तक संयम बनाए रखें।
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KGMU प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा, लेकिन बिना तथ्यों के लगाए गए आरोप संस्थान की छवि पर आघात पहुंचाते हैं। विश्वविद्यालय में शिक्षा, शोध और चिकित्सा सेवाएं पूर्ववत सुचारु रूप से जारी हैं।
