टीचर्स ऑफ बिहार ने स्थापना के छह वर्ष किये पूरे

ए.एन.सिन्हा इंस्टीट्यूट में हुआ भव्य कार्यक्रम

पटना (राष्ट्र की परम्परा)। राज्य के सरकारी विद्यालयों में शिक्षा को सशक्त बनाने वाली बिहार की सबसे बड़ी टीचिंग-लर्निंग समुदाय “टीचर्स ऑफ बिहार” (टीओबी) ने स्थापना के छह वर्ष पूरे कर लिए। 13 अप्रैल 2025 रविवार को ए.एन.सिन्हा इंस्टीट्यूट के सभागार में इस मौके पर वार्षिकोत्सव का आयोजन किया गया। शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डाॅ.एस सिद्धार्थ कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि मौजूद रहे। साथ ही शिक्षा विभाग के सचिव अजय यादव, एससीईआरटी के निदेशक सज्जन.आर बतौर विशिष्ट अतिथि मौजूद रहे। सभी अतिथियों संग टीओबी के संस्थापक शिव कुमार ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मौके पर डाॅ.एस सिद्धार्थ ने कविता और कहानियों के संकलन गद्य गुंजन-पद्य पंकज, शिक्षकों के विचारों का मुखपत्र अभिमत का विमोचन किया। विशिष्ट अतिथियों ने टीचर्स ऑफ बिहार के नवाचारी परियोजनाओं का शुभारंभ किया। इसमें पीएम पोषण योजना गणक, द्रोण विद्या और प्रोजेक्ट शिक्षक साथी का शुभारंभ हुआ। शिक्षा विभाग के सचिव अजय यादव ने टीचर्स ऑफ बिहार के कार्यों की जमकर तारीफ की एवं शिक्षा हित में इनके द्वारा किए जा रहे प्रयासों की प्रशंसा करते हुए समूह के उज्जवल भविष्य की कामना की। एससीईआरटी निदेशक सज्जन.आर ने कहा कि समूह के शिक्षकों का कार्य सराहनीय है। बिहार के शिक्षा में बदलाव लानें के लिए टीचर्स ऑफ बिहार समूह के सदस्य विगत छह वर्षों से अथक प्रयास कर रहे हैं जो अब सरकारी विद्यालयों में दिखने भी लगा है। मौके पर एससीईआरटी के पूर्व संयुक्त निदेशक सैयद अब्दुल मोइन, संयुक्त निदेशक (डायट) डाॅ.रश्मि प्रभा, बिहार शिक्षा परियोजना परिषद के राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी डाॅ.उदय कुमार उज्जवल मौजूद रहे।समूह के कार्यों की एनसीईआरटी ने भी की है सराहना टीचर्स ऑफ बिहार ने डिजिटल शिक्षा और नवाचारों में बिहार के अलावा राष्ट्रीय स्तर पर भी छाप छोड़ी है। एनसीईआरटी ने भी बिहार की इस शिक्षक समूह के कार्यों की सराहना की है। एनसीईआरटी ने समूह से दूसरे राज्यों को भी सीखने को कहा है। बच्चों की बेहतर शिक्षा हमारा प्रथम लक्ष्य कार्यक्रम में शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डाॅ.एस सिद्धार्थ ने टीचर्स ऑफ बिहार समूह से जुड़े शिक्षकों के नवाचार एवं शिक्षा के क्षेत्र में उनके द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की। उन्होनें कहा कि शिक्षक की नौकरी अन्य नौकरियों से अलग है। इनपर बेहतर समाज निर्माण की जिम्मेदारी होती है। इसलिए शिक्षक कल के भविष्य यानी बच्चों को सर्वोपरि रखें। अपनी तकलीफ को भूलकर बच्चों के कल्याण के लिए कार्य करें। शिक्षकों का कल्याण करने के लिए सरकार एवं विभाग है। मौके पर डाॅ.एस सिद्धार्थ, सचिव अजय यादव एवं एससीईआरटी निदेशक सज्जन.आर नें नवाचारी शिक्षकों को सम्मानित भी किया। टीम, टीचर्स ऑफ बिहार के प्रदेश मीडिया संयोजक मृत्युंजय कुमार एवं प्रदेश प्रवक्ता रंजेश कुमार ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं शैक्षिक बेहतरी के लिए हमारा प्रयास एवं कार्य आगे भी इसी तरह समर्पित भाव से जारी रहेगा। शिक्षा के क्षेत्र में टीचर्स ऑफ बिहार का कारवां इसी तरह निरंतर आगे बढ़ता रहेगा। यह एक शिक्षक समूह ही नहीं बल्कि एक ऐसा मंच है जो शिक्षकों का,शिक्षकों द्वारा एवं शिक्षकों के लिए है। इस मंच का मुख्य फोकस इस बात पर रहता है कि शिक्षकों के कार्यों को उनका उचित सम्मान व पहचान मिले।

Karan Pandey

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