
बांका (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) जिले में शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया में बड़े घोटाले का खुलासा हुआ है। पटना हाईकोर्ट के आदेश पर निगरानी अन्वेषण ब्यूरो (Vigilance Investigation Bureau) द्वारा की गई जांच में पांच शिक्षकों के फर्जी प्रमाण पत्र सामने आए हैं। वर्षों से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी कर रहे इन शिक्षकों के खिलाफ अब प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।
किन शिक्षकों का हुआ खुलासा
जानकारी के मुताबिक, बेलहर प्रखंड से दो, रजौन से एक और शंभूगंज प्रखंड से दो शिक्षक फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी कर रहे थे।
प्राथमिक विद्यालय जगतापुर की शिक्षिका कुमारी पल्लवी और प्राथमिक विद्यालय मेहरपुर के शिक्षक निरंजन कुमार का अंक पत्र ओडिशा बोर्ड से जारी बताया गया था, लेकिन सत्यापन में यह फर्जी निकला।
बेलहर प्रखंड की पंचायत शिक्षिका श्वेता कुमारी का अनुभव प्रमाण पत्र और अनिता कुमारी का उपशास्त्री प्रमाण पत्र भी जांच में फर्जी पाए गए।
इसके अलावा शंभूगंज प्रखंड से पकड़े गए एक और शिक्षक का भी शैक्षणिक प्रमाण पत्र असत्यापित पाया गया है।
जांच में खुली पोल
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने हाईकोर्ट के आदेश पर शिक्षकों के शैक्षणिक एवं अनुभव प्रमाण पत्र का गहन सत्यापन शुरू किया था। इसी दौरान इन शिक्षकों के दस्तावेजों में गड़बड़ी का खुलासा हुआ। जांच में यह साफ हो गया कि बांका जिले में लंबे समय से फर्जी सर्टिफिकेट पर शिक्षक नौकरी कर रहे थे।
आगे की कार्रवाई
निगरानी विभाग ने संबंधित शिक्षकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है और जल्द ही उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। शिक्षा विभाग भी इनकी सेवाएं समाप्त करने की प्रक्रिया में जुट गया है। इस कार्रवाई के बाद जिले में शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए हैं।