संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष इश्तियाक अली और जिला विधिक प्राधिकरण के सचिव देवेन्द्र नाथ गोस्वामी ने पराविधिक स्वयं सेवकों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने आम जनमानस को स्थायी लोक अदालत के लाभों के बारे में जानकारी देने और प्रचार करने के निर्देश दिए।
स्थायी लोक अदालत न्यायालय परिसर में संचालित होती है, जहां पीड़ित या आवेदक अपने मामलों का समाधान मात्र एक प्रार्थना पत्र प्रस्तुत करके सुलह-समझौता के माध्यम से करवा सकता है। इस न्यायालय में अधिवक्ता या वकालतनामा की आवश्यकता नहीं होती।
स्थायी लोक अदालत जनहित सेवाओं से संबंधित विभागों जैसे बिजली, पानी, अस्पताल, ट्रांसपोर्ट, डाक विभाग, हवाई यातायात, समुद्र यातायात, जलकर, टेलीग्राफ आदि से संबंधित मामलों का समाधान करती है। इसके अलावा शिक्षा और शैक्षणिक संस्थान एवं हाउस एंड रियल स्टेट से संबंधित मामलों का भी समाधान किया जाता है।
स्थायी लोक अदालत में सबसे पहले विवाद को आपसी सुलह के द्वारा सुलझाने का प्रयास किया जाता है। सहमति के बाद अवार्ड पास कर दिया जाता है। यदि आपसी सुलह के द्वारा केस का फैसला नहीं हो पाता, तो मामले का निपटारा गुण-अवगुण के आधार पर किया जाता है। अवार्ड पास होने के पश्चात वह न्यायालय की डिक्री की तरह ही संबंधित पक्षों पर अनिवार्य रूप से लागू होता है।
अधिक जानकारी के लिए कार्यालय जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, न्यायालय परिसर में संपर्क किया जा सकता है।
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