social issues

एक विवाद नहीं होता तो शायद एक घर का चिराग आज बुझता नहीं

बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। बेल्थरा बाजार क्षेत्र में रविवार रात हुई एक दुखद घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर…

2 weeks ago

दौलत की अंधी दौड़ में टूटते रिश्ते, बदलती जीवनशैली से बिखर रहा पारिवारिक ताना-बाना

मोबाइल, पैसा और दिखावे की दुनिया ने कम किया अपनों के बीच संवाद महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। आधुनिक जीवनशैली और…

1 month ago

महिला सुरक्षा संस्थाओं का पतन

अंधविश्वास, राजनीति और नैतिक पतन ✍️ डॉ. सत्यवान सौरभ हरियाणा (राष्ट्र की परम्परा)। महाराष्ट्र महिला आयोग की तत्कालीन अध्यक्ष रूपाली…

3 months ago

महराजगंज: सामाजिक समरसता क्यों हो रही कमजोर? बदलते परिवेश में समाज के सामने बड़ी चुनौती

महराजगंज (राष्ट्र की परंपरा)। भारत की पहचान सदियों से विविधता में एकता और सामाजिक समरसता के रूप में रही है।…

4 months ago

विकास के शोर में दबती आम जनता की आवाज, चमकते प्रोजेक्ट्स के बीच अनसुनी जिंदगियां विकास के दावों और आम आदमी की हकीकत पर एक गंभीर सवाल

डॉ. सतीश पाण्डेय महराजगंज (राष्ट्र की परंपरा)।विकास किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था का मूल उद्देश्य माना जाता है। सड़कें, पुल, ऊंची…

6 months ago

संस्कार बनाम रूढ़िवादिता: परंपरा के नाम पर बढ़ता सामाजिक बोझ, क्यों जरूरी है बदलाव की स्वीकार्यता

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। समाज में संस्कार हमेशा से नैतिकता, मानवता और सद्भाव के आधार माने गए हैं। यह…

7 months ago

पैसे और पद का खेल… इंसानी रिश्तों में तेजी से बढ़ रहा पतन

✍️ कैलाश सिंहमहराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। समाज में इंसानी रिश्तों की गर्माहट लगातार कमजोर होती जा रही है। आज मानवीय…

7 months ago