Tag: सामाजिक जिम्मेदारी

समाज बनाम नशा: क्यों यह लड़ाई पुलिस नहीं, हर नागरिक की है

अदृश्य संकटों का महायुद्ध: बौद्धिक प्रदूषण और नशे के खिलाफ समाज की साझा जिम्मेदारी 21वीं सदी मानव सभ्यता को तकनीक, विज्ञान, स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व ऊँचाइयों तक…

बेसहारा ज़िंदगी का वालिद कौन? समाज, परिवार और व्यवस्था पर उठते गंभीर सवाल

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। आज समाज के सामने एक ऐसा सवाल खड़ा है, जो जितना संवेदनशील है उतना ही शर्मनाक भी—बेसहारा ज़िंदगी का वालिद कौन? सड़कों पर भटकते बच्चे, वृद्धाश्रमों…

मानवता आज भी जिंदा है, बस उसे सुनने और समझने वाला चाहिए

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। तेज रफ्तार, तकनीक और दिखावे से भरे इस दौर में अक्सर कहा जाता है कि मानवता मर चुकी है। लोग अपने स्वार्थ तक सिमट गए हैं…

सुविधाओं की चकाचौंध में घिरता समाज, बढ़ती असुरक्षा बनी गंभीर चुनौती

कैलाश सिंहमहराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)।आज का समाज सुविधाओं के मामले में अपने इतिहास के सबसे उन्नत दौर में खड़ा है। तकनीक, संचार, परिवहन, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में हुई…

बुढ़ापा: डर नहीं, समझ और सम्मान की जरूरत

जीवन का अंतिम पड़ाव: बुढ़ापा — अनुभव, सम्मान और संवेदना की कसौटी लेखिका – सीमा त्रिपाठी,शिक्षिका, साहित्यकार, बलिया (राष्ट्र की परम्परा) जीवन एक निरंतर प्रवाह है। बचपन की मासूमियत, युवावस्था…