“ईमानदारी की चीख में डूबा भारत: जब रिश्वत व्यवस्था की पहचान बन गई”
भ्रष्टाचार अब अपराध नहीं, एक “रूटीन” बन गया है — जहाँ मेहनत नहीं, जुगाड़ चलता है; और ईमानदारी को बेवकूफी कहा जाने लगा है। देश आज उस मोड़ पर खड़ा…
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भ्रष्टाचार अब अपराध नहीं, एक “रूटीन” बन गया है — जहाँ मेहनत नहीं, जुगाड़ चलता है; और ईमानदारी को बेवकूफी कहा जाने लगा है। देश आज उस मोड़ पर खड़ा…