कविता

राख से उठती लौ: आँसूओं से जन्मी हिम्मत की कहानी

उन दीवारों से पूछो वो 'रातें' कैसी थीं,जब 'रोटी' भी छुप-छुप के खाती थी।उनके आँसू भी 'आवाज़' न करें कहीं,इस…

4 months ago

युद्ध विभीषिका

युद्ध की विभीषिका में युवा सैनिक,जिसे जानते नहीं उसे जान से मारते हैं,वे न उसे प्रेम करते हैं न घृणा…

6 months ago

दुष्यंत कुमार: असहमति, संवेदना और समय की आवाज

नवनीत मिश्र दुष्यंत कुमार हिन्दी कविता और ग़ज़ल की परंपरा में वह सशक्त हस्ताक्षर हैं, जिन्होंने शब्दों को सौंदर्य की…

8 months ago

लकीर का फ़क़ीर

लकीर का फ़क़ीर मतलबरीति-रिवाजों- मान्यताओंपर आँख बंद करके चलतेरहना बस चलते रहना है। ये भी पढ़ें -40 की उम्र पार…

10 months ago

चरण स्पर्श से ऊँचा हृदय में

चरण स्पर्श से ऊँचा हृदय मेंमान सम्मान व प्रेम होता है,किसी को प्रणाम करने सेउसका आशीर्वाद मिलता है। जो भी…

10 months ago

हे राम!

महात्मा गांधी को ईसा मसीह औरमहात्मा बुद्ध जैसा सम्मान मिलता है,लार्ड माउन्ट बेटन ने गांधी जी कीहत्या पर यही लिखा…

3 years ago