Tag: कविता

मौत का जाम…!

सागर की धरती रो पड़ी, आँखों में है नमी,किसने घोला ज़हर, बाँटी हैं मौत की ग़मी?जाम समझ बढ़े, “ज़िंदगी” हाथ से छूट गई,घर की चौखट सूनी, लाखों उम्मीदें टूट गईं।वो…

राख से उठती लौ: आँसूओं से जन्मी हिम्मत की कहानी

उन दीवारों से पूछो वो ‘रातें’ कैसी थीं,जब ‘रोटी’ भी छुप-छुप के खाती थी।उनके आँसू भी ‘आवाज़’ न करें कहीं,इस डर से हर ‘पीड़ा’ दबाई जाती थी।नन्ही-सी उम्र में सपने…

युद्ध विभीषिका

युद्ध की विभीषिका में युवा सैनिक,जिसे जानते नहीं उसे जान से मारते हैं,वे न उसे प्रेम करते हैं न घृणा करते हैं,बस किसी का बर्बर आदेश मानते हैं। और ऐसे…

दुष्यंत कुमार: असहमति, संवेदना और समय की आवाज

नवनीत मिश्र दुष्यंत कुमार हिन्दी कविता और ग़ज़ल की परंपरा में वह सशक्त हस्ताक्षर हैं, जिन्होंने शब्दों को सौंदर्य की सीमा से निकालकर सामाजिक संघर्ष का माध्यम बनाया। उनकी रचनाएँ…

लकीर का फ़क़ीर

लकीर का फ़क़ीर मतलबरीति-रिवाजों- मान्यताओंपर आँख बंद करके चलतेरहना बस चलते रहना है। ये भी पढ़ें –40 की उम्र पार करते ही पुरुष और महिलाओं को कराने चाहिए ये जरूरी…

चरण स्पर्श से ऊँचा हृदय में

चरण स्पर्श से ऊँचा हृदय मेंमान सम्मान व प्रेम होता है,किसी को प्रणाम करने सेउसका आशीर्वाद मिलता है। जो भी अच्छा करता है इंसान,वही तो उसे वापस मिलता है,मान करता…

हे राम!

महात्मा गांधी को ईसा मसीह औरमहात्मा बुद्ध जैसा सम्मान मिलता है,लार्ड माउन्ट बेटन ने गांधी जी कीहत्या पर यही लिखा व यही कहा है। महात्मा गांधी ब्रिटिश हुकुमत अपनेकाल पर्यन्त…