चरण स्पर्श से ऊँचा हृदय में
मान सम्मान व प्रेम होता है,
किसी को प्रणाम करने से
उसका आशीर्वाद मिलता है।
जो भी अच्छा करता है इंसान,
वही तो उसे वापस मिलता है,
मान करता है कोई किसी का,
उसको भी सम्मान मिलता है।
सदा सुखी रहो यह हृदय के
अंतस से ही कहा जाता है,
अपनो को ही नहीं, ग़ैरों को भी
सादर प्रणाम कहा जाता है।
स्त्री पुरुष सभी का हृदय में,
मान – सम्मान होना चाहिए,
बड़ों को सादर प्रणाम छोटों
को आशीर्वाद देना चाहिये।
यही है रीति भारत वर्ष की
और यही सद्यः सनातन है,
बड़ों को सादर प्रणाम व छोटों
को आदित्य का आशीर्वचन है।
कुशीनगर में दर्दनाक हादसा: पोखरी में डूबने से 50 वर्षीय व्यक्ति की मौत, गाय की…
प्राकृतिक खेती पर कार्यशाला आयोजित संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। केंद्र सरकार के 12…
एसएसपी ने महत्वपूर्ण सर्किल की सौंपी जिम्मेदारी, अरुणकुमार एस को सीओ लाइन का प्रभार गोरखपुर(राष्ट्र…
लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा)। बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय (बीबीएयू), लखनऊ में 21 जून को आयोजित…
गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के शैक्षिक सत्र 2025-26 का दीक्षान्त समारोह…
गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय द्वारा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में…