चरण स्पर्श से ऊँचा हृदय में
मान सम्मान व प्रेम होता है,
किसी को प्रणाम करने से
उसका आशीर्वाद मिलता है।
जो भी अच्छा करता है इंसान,
वही तो उसे वापस मिलता है,
मान करता है कोई किसी का,
उसको भी सम्मान मिलता है।
सदा सुखी रहो यह हृदय के
अंतस से ही कहा जाता है,
अपनो को ही नहीं, ग़ैरों को भी
सादर प्रणाम कहा जाता है।
स्त्री पुरुष सभी का हृदय में,
मान – सम्मान होना चाहिए,
बड़ों को सादर प्रणाम छोटों
को आशीर्वाद देना चाहिये।
यही है रीति भारत वर्ष की
और यही सद्यः सनातन है,
बड़ों को सादर प्रणाम व छोटों
को आदित्य का आशीर्वचन है।
देवरिया: रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में चोरी करने वाला शातिर चोर गिरफ्तार, चोरी का मोबाइल…
NTA के गठन के 9 साल बाद भी निजी परीक्षा केंद्रों पर निर्भर व्यवस्था, कैबिनेट…
लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा)। बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय (बीबीएयू) में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्रव्यापी…
संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। भारत सरकार और उत्तर प्रदेश शासन के उच्च शिक्षा…
भलुअनी(राष्ट्र की परम्परा)l बरहज विधानसभा के भलुअनी ब्लॉक के पोखरभीडा गाँव में चौहान टोले पर…
नशामुक्त भारत के लिए युवाओं से जुड़े प्रधानमंत्री, महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय में सुना गया वर्चुअल…