निलंबित डिप्टी कलेक्टर से 3 लाख की ठगी, विभागीय जांच में सजा कम कराने का दिया झांसा

सीएम पोर्टल अधिकारी बनकर की गई साइबर ठगी, ग्वालियर में मामला दर्ज

ग्वालियर/मध्य प्रदेश (राष्ट्र की परम्परा)। मध्य प्रदेश में साइबर ठगी का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां निलंबित डिप्टी कलेक्टर से ठगों ने विभागीय जांच में सजा कम कराने का झांसा देकर करीब तीन लाख रुपये ठग लिए। आरोपियों ने खुद को सीएम पोर्टल और सीएम ऑफिस का कर्मचारी बताकर यह ठगी की।

थाटीपुर थाना क्षेत्र की न्यू अशोक कॉलोनी में रहने वाले अरविंद सिंह माहौर, जो मुरैना जिले के सबलगढ़ में पदस्थ थे, ने पुलिस को बताया कि उनके मोबाइल पर एक अनजान नंबर से कॉल आया। कॉल रिसीव न करने पर ठगों ने कलेक्टर महोदय को फोन कर यह कह दिया कि डिप्टी कलेक्टर कॉल नहीं उठा रहे हैं। इसके बाद कलेक्टर के संदर्भ का हवाला देकर दोबारा कॉल किया गया।

कुछ देर बाद डिप्टी कलेक्टर के मोबाइल पर एक कॉल आया, जिसमें नंबर “CM Portal Ashwini” के नाम से शो हो रहा था। कलेक्टर का नाम लेने के कारण उन्होंने कॉल रिसीव कर लिया। फोन करने वाले ने खुद को सीएम ऑफिस का कर्मचारी बताते हुए कहा कि विभागीय जांच में सजा कम कराने के लिए कुछ राशि योगदान के रूप में जमा करनी होगी।
आरोपी की बातों में आकर डिप्टी कलेक्टर अरविंद सिंह माहौर ने अलग-अलग समय पर ऑनलाइन वॉलेट और बैंक खातों के माध्यम से विभिन्न नंबरों पर करीब 2 लाख 95 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद भी आरोपी लगातार और पैसे की मांग करता रहा, जिससे उन्हें संदेह हुआ।

संदेह होने पर डिप्टी कलेक्टर ने स्वयं जानकारी जुटाई, जिसमें सामने आया कि सीएम ऑफिस में अश्विनी नाम का कोई कर्मचारी पदस्थ नहीं है। जब उन्होंने अपने पैसे वापस मांगे तो आरोपी ने संपर्क तोड़ दिया।
घटना के बाद पीड़ित अधिकारी ने तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर ई-जीरो एफआईआर दर्ज कराई। शिकायत CCTNS के माध्यम से थाटीपुर थाना पहुंची, जहां शनिवार को साइबर फ्रॉड का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई।

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इस मामले में एएसपी अनु बेनीवाल ने बताया कि प्रदेश में ई-जीरो एफआईआर अभियान चलाया जा रहा है। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि खुद को सरकारी कर्मचारी बताकर एक शासकीय अधिकारी से 2.95 लाख रुपये की साइबर ठगी की गई है। आरोपियों की पहचान और पैसे की रिकवरी के प्रयास किए जा रहे हैं।

गौरतलब है कि फरियादी अरविंद सिंह माहौर पहले से एक विवादित मामले में निलंबित हैं। ग्वालियर की एक महिला ने उन पर अपनी बेटी को फोन कर परेशान करने का आरोप लगाया था। महिला ने जनसुनवाई में कलेक्टर को वीडियो समेत शिकायत सौंपी थी, जिसमें एसडीएम के अभद्र भाषा प्रयोग का आरोप लगाया गया है। यह मामला भी विभागीय जांच के दायरे में है।

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Karan Pandey

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