असंसदीय शब्द पर बवाल: मुख्यमंत्री मोहन यादव ने जताया खेद

मध्य प्रदेश विधानसभा में विवाद: कैलाश विजयवर्गीय के असंसदीय शब्द पर हंगामा, मोहन यादव ने मांगी माफी



भोपाल (राष्ट्र की परम्परा)मध्य प्रदेश विधानसभा विवाद उस समय गहरा गया जब संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने विपक्ष के नेता उमंग सिंघर के लिए असंसदीय शब्द का प्रयोग कर दिया। इस घटना के बाद सदन में तीखा हंगामा हुआ और विपक्ष ने मंत्री के इस्तीफे की मांग कर दी। बढ़ते विवाद को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कार्यवाही स्थगित कर दी। बाद में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सदन में खेद व्यक्त करते हुए माफी मांगी।
विवाद की शुरुआत राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के दौरान हुई। चर्चा में भाग लेते हुए उमंग सिंघर ने सिंगरौली में सरकार और अदानी समूह के बीच हुए कथित समझौते का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बिजली खरीद के नाम पर कंपनी को 25 वर्षों में लगभग 1.25 लाख करोड़ रुपये का भुगतान करने की तैयारी कर रही है।
इस आरोप पर मंत्री विश्वास सारंग ने आपत्ति जताई और कहा कि सदन में अनुपस्थित व्यक्ति का नाम नहीं लिया जाना चाहिए। इसके बाद कैलाश विजयवर्गीय ने सिंघर पर गलत जानकारी देने का आरोप लगाया। दोनों नेताओं के बीच तीखी बहस हुई और आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया। इसी दौरान विजयवर्गीय ने एक असंसदीय शब्द का प्रयोग किया, जिससे मध्य प्रदेश विधानसभा विवाद और बढ़ गया।

ये भी पढ़ें – बच्चा चोरी की झूठी खबर से दहशत, झारखंड में बढ़ा मॉब लिंचिंग का खतरा

कांग्रेस विधायकों ने नारेबाजी करते हुए विजयवर्गीय के इस्तीफे की मांग की। सदन में शोर-शराबा बढ़ता देख अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कार्यवाही कुछ समय के लिए स्थगित कर दी। दोबारा कार्यवाही शुरू होने पर तोमर ने कहा कि मध्य प्रदेश विधानसभा की गौरवशाली परंपरा रही है, लेकिन आज की स्थिति दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि गुस्सा दोनों पक्षों से आया, जो चिंता का विषय है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि जाने-अनजाने में कुछ शब्द निकल गए, जिसके लिए वे सदन से माफी मांगते हैं। उन्होंने संसदीय मर्यादा बनाए रखने की अपील की। उमंग सिंघर ने मुख्यमंत्री की भावनाओं का सम्मान करते हुए कहा कि यदि उनकी ओर से भी कुछ अनुचित हुआ है तो वे भी खेद व्यक्त करते हैं।
कैलाश विजयवर्गीय ने भी अपने 37 वर्षों के राजनीतिक अनुभव का हवाला देते हुए कहा कि वे अपने व्यवहार से संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों को संसदीय मर्यादा का विशेष ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने कहा, “मैं उमंग को प्यार करता हूं… आज जो हुआ उससे मैं दुखी हूं।”

ये भी पढ़ें – अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क पर प्रहार: मऊ में बड़ी कार्रवाई, आरोपी गिरफ्तार

यह मध्य प्रदेश विधानसभा विवाद प्रदेश की राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सिंगरौली अदानी समझौता और बिजली खरीद समझौता जैसे मुद्दे आगामी सत्रों में भी उठ सकते हैं। विपक्ष इस मामले को जनहित से जोड़कर बड़ा मुद्दा बनाने की तैयारी में है, जबकि सरकार इसे तथ्यात्मक आधार पर स्पष्ट करने की बात कह रही है।
राजनीतिक मर्यादा और सदन की गरिमा को लेकर यह घटना महत्वपूर्ण मानी जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि लोकतंत्र में स्वस्थ बहस आवश्यक है, लेकिन व्यक्तिगत टिप्पणियां लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करती हैं।
मध्य प्रदेश विधानसभा विवाद ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि क्या राजनीतिक दल संसदीय परंपराओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहे हैं। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि सिंगरौली अदानी समझौता और बिजली खरीद समझौता पर सरकार क्या स्पष्टीकरण देती है और विपक्ष किस रणनीति के साथ आगे बढ़ता है।

Editor CP pandey

Recent Posts

बरहज की टूटी सड़क और अधूरा मोहन सेतु बना सियासी मुद्दा, सपा ने सरकार को घेरा

देवरिया में गरजा सपा का विरोध: बरहज की बदहाल सड़क, अधूरा मोहन सेतु और महंगाई…

3 hours ago

देवरिया से योगी का विपक्ष पर बड़ा हमला, बोले- “गुंडे मिट्टी में मिल गए”655 करोड़

देवरिया में गरजे योगी: “वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया” से “विकास मॉडल” तक बदली यूपी की…

3 hours ago

CM से मिलने की तैयारी पड़ी भारी! देवरिया में सपा नेता को पुलिस ने रोका

देवरिया में आधी रात पुलिस कार्रवाई, सपा नेता अनिल यादव नजरबंद; CM से मिलने से…

4 hours ago

सुंदरता के नाम पर सेहत से खिलवाड़ बंद, अवैध कॉस्मेटिक इंजेक्शन पर सख्त कार्रवाई शुरू

सुंदरता की अंधी दौड़ पर सरकार की सख्ती: कॉस्मेटिक इंजेक्शन पर CDSCO की बड़ी चेतावनी,…

21 hours ago

इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा आदेश: तकनीकी सहायक भर्ती में बोर्ड की लापरवाही उजागर, अभ्यर्थी के लिए खुला नियुक्ति का रास्ता

इलाहाबाद हाईकोर्ट लखनऊ पीठ ने उत्तर प्रदेश खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड की भर्ती प्रक्रिया में…

23 hours ago

ऐतिहासिक बंदी में थमा गोरखपुर का दवा कारोबार, ऑनलाइन दवा बिक्री के खिलाफ व्यापारियों का प्रदर्शन

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (AIOCD) और ऑर्गेनाइजेशन ऑफ…

1 day ago