श्रम का सम्मान करने वाला शहर है सूरत, मोदी बोले- विकास का लाभ हर घर तक पहुंचा

गांधीनगर एजेंसी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिनों से गुजरात दौरे पर हैं। गुजरात चुनाव को लेकर उनका यह दौरा बेहद अहम माना जा रहा है। सूरत में मोदी 3,400 करोड़ से ज्यादा की लागत की विभिन्न विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखी। इस दौरान उन्होंने विशाल जनसभा को संबोधित भी किया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने कहा कि नवरात्रि में गुजरात के सूरत में आना सौभाग्य की बात है। सूरत में विकास का लाभ हर घर तक पहुंचा है। सूरत श्रम का सम्मान करने वाला शहर है। सूरत देश के सबसे सख्त शहरों में से भी एक है। सूरत एकजुटता और जनभागीदारी का उदाहरण है। मोदी ने कहा कि सूरत शहर लोगों की एकजुटता औऱ जनभागीदारी, दोनों का बहुत ही शानदार उदाहरण है। हिन्दुस्तान का कोई प्रदेश ऐसा नहीं होगा, जिसके लोग सूरत की धरती पर न रहते हों। सूरत की सबसे बड़ी खासियत ये है कि ये शहर श्रम का सम्मान करने वाला शहर है। 

मोदी ने दावा किया कि सूरत में विकास के काम लगातार हो रहे हैं। आयुष्मान भारत योजना का लाभ सभी को मिला है। उन्होंने यह भी कहा कि मुझे गुजरात का गौरव बढ़ाने का सौभाग्य मिला। सूरत में झुग्गियां अब कम हो रही हैं। उन्होंने कहा कि नवरात्रि के चल रहे समारोहों के दौरान गुजरात में बुनियादी ढांचे, खेल और आध्यात्मिक स्थलों की आधारशिला रखना मेरा सौभाग्य है। इस सदी के शुरुआती दशकों में, जब हम 3 पी मॉडल यानी पब्लिक, प्राइवेट और पार्टनरशिप पर चर्चा करते थे, तो मैं सूरत का 4पी उदाहरण देता था यानी पीपल, पब्लिक, प्राइवेट और पार्टनरशिप। यह मॉडल सूरत को खास बनाता है।

मोदी ने कहा कि डबल इंजन की सरकार बनने के बाद तो घर बनाने में भी तेजी आई है और सूरत के गरीबों, मिडिल क्लास को दूसरी सुविधाएं भी मिलने लगी हैं। आयुष्मान भारत योजना के तहत देश में अभी तक लगभग 4 करोड़ गरीब मरीजों को मुफ्त इलाज मिल चुका है। उन्होंने कहा कि सूरत के कपड़ा और हीरा कारोबार से देशभर के अनेक परिवारों का जीवन चलता है। ‘ड्रीम सिटी’ प्रोजेक्ट जब पूरा हो जाएगा तो सूरत, विश्व के सबसे सुरक्षित और सुविधाजनक डायमंड ट्रेडिंग हब के रूप में विकसित होने वाला है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि बीते दो दशकों से विकास के जिस पथ पर सूरत चल पड़ा है, वो आने वाले वर्षों में और तेज होने वाला है। यही विकास आज डबल इंजन सरकार पर विश्वास के रूप में झलकता है। जब विश्वास बढ़ता है, तो प्रयास बढ़ता है। सबका प्रयास से राष्ट्र के विकास की गति तेज होती है। 

Editor CP pandey

Recent Posts

प्याज-चीनी की महंगाई से बढ़ी रसोई की चिंता, क्या बफर स्टॉक बनेगा किसान-उपभोक्ता संतुलन का समाधान?

रसोई में महंगाई का तड़का: प्याज 70 रुपये पार, चीनी की तेजी ने बढ़ाई चिंता;…

60 minutes ago

औद्योगिक भ्रमण में विद्यार्थियों ने समझी उद्योग जगत की कार्यप्रणाली

बिछुआ (राष्ट्र की परम्परा)। कक्षा में पढ़ाई के साथ विद्यार्थियों को उद्योग जगत की वास्तविक…

4 hours ago

राखी का संदेश

✍️ विजय गुंजन स्नेह है, अनुराग है, पवित्रता का बंधन है,ममता भरे एक धागे का…

5 hours ago

रक्षा बंधन: रिश्तों की डोर से राष्ट्र की परम्परा तक

नवनीत मिश्र रक्षा बंधन केवल कलाई पर राखी बांधने का पर्व नहीं, बल्कि भाई-बहन के…

15 hours ago

रॉयल्टी के छह गुना दंड से परेशान पीडब्ल्यूडी ठेकेदार, कार्य बहिष्कार की तैयारी

लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा)। लोक निर्माण विभाग, उत्तर प्रदेश के ठेकेदार रॉयल्टी से जुड़े मामलों…

17 hours ago

भाई-बहन का स्नेहाकाश

✍️ संजय एम. तराणेकर कलाई पर बंधता धागा है,पर बंधता है उससे विश्वास,बहन की आँखों…

22 hours ago