गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय, गोरखपुर के अंतर्गत संचालित कृषि संकाय के तृतीय वर्ष में अध्ययनरत विद्यार्थियों ने पीपीगंज स्थित “हाई ग्रोथ हनी बी-फार्म” का शैक्षिक भ्रमण डॉ. सास्वती प्रेमकुमारी के मार्गदर्शन में संपन्न किया।
भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने मधुमक्खी पालन एवं प्रबंधन से जुड़ी विस्तृत व्यावहारिक जानकारी प्राप्त की। फार्म के संचालक राजू सिंह ने अत्याधुनिक मशीनों व प्रसंस्करण इकाई, मधुमक्खी छत्ता, केन्द्रीय छत्ता, फ्रेम फीडर्स, एक्सक्लूडर, शहद निष्कर्षण तकनीक, रानी मधुमक्खी पालन किट तथा कॉम्ब फाउंडेशन शीट सहित विभिन्न उपकरणों के महत्व के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने शहद संग्रहण की तकनीक, गुणवत्ता परीक्षण, पैकेजिंग और मार्केटिंग के प्रमुख पहलुओं की भी जानकारी दी।
डॉ. सास्वती प्रेमकुमारी ने कृषि में मधुमक्खियों की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि मधुमक्खियों द्वारा पर-परागण से फसलों की उपज में वृद्धि होती है, साथ ही फसल संवर्धन एवं पादप आनुवांशिक संसाधनों के संरक्षण में भी इनकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
इस शैक्षिक भ्रमण का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को मधुमक्खी पालन की विधा, उसके व्यावसायिक लाभ-हानि तथा रोजगार की संभावनाओं से अवगत कराना रहा।
