गरीब कृषक परिवारों के छात्रों को मिलेगा छात्रवृत्ति का लाभ

गोरखपुर विश्वविद्यालय के आईएएनएसएस को मिली मंडी परिषद की संस्थागत मान्यता

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के कृषि एवं प्राकृतिक विज्ञान संस्थान (आईएएनएसएस) को उत्तर प्रदेश मंडी परिषद से संस्थागत स्वीकृति प्राप्त हो गई है। इस स्वीकृति के बाद अब संस्थान में अध्ययनरत गरीब कृषक परिवारों के छात्र मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना का प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त कर सकेंगे। यह योजना विशेष रूप से उन विद्यार्थियों के लिए एक बड़ी राहत साबित होगी जो कृषि पृष्ठभूमि से आते हैं और उच्च कृषि शिक्षा प्राप्त करने के इच्छुक हैं। छात्रवृत्ति के माध्यम से उन्हें आर्थिक सहायता मिलेगी, जिससे वे अपने शैक्षणिक एवं व्यावसायिक विकास को नई दिशा दे सकेंगे। विश्वविद्यालय की ओर से छात्रों के लिए 250 कमरों वाले छात्रावास की सुविधा का भी प्रस्ताव तैयार किया गया है, जिससे उन्हें बेहतर आवासीय और अध्ययनशील वातावरण उपलब्ध कराया जा सकेगा। इसके साथ ही संस्थान में एक आधुनिक मॉडल फार्म की स्थापना का कार्य तेजी से जारी है। यह फार्म न केवल छात्रों के व्यावहारिक प्रशिक्षण के लिए उपयोगी होगा, बल्कि किसानों और शोधकर्ताओं के लिए भी यह एक केंद्र बनेगा, जहां प्रशिक्षण, शोध, सूचना और तकनीकी प्रदर्शन की सुविधा उपलब्ध रहेगी। कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने इस पहल को विश्वविद्यालय की दीर्घकालिक शैक्षणिक एवं सामाजिक प्रतिबद्धता का हिस्सा बताया। उन्होंने कहा, “हमारा उद्देश्य ऐसा कृषि मानव संसाधन तैयार करना है जो वैज्ञानिक तकनीकों को किसानों तक प्रभावी रूप से पहुंचा सके। इससे उत्पादन लागत में कमी और किसानों की आय में वृद्धि संभव हो सकेगी।” संस्थान के प्रभारी प्रो. आर. आर. सिंह ने जानकारी दी कि आगामी शैक्षणिक सत्र 2025–26 से संस्थान में बीएससी एग्रीकल्चर (ऑनर्स) इन नेचुरल फार्मिंग पाठ्यक्रम की शुरुआत की जाएगी। यह कोर्स प्राकृतिक, जैविक एवं सतत कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल होगी। आईएएनएसएस की यह समग्र पहल न केवल छात्रों, बल्कि किसानों और ग्रामीण समुदायों के लिए भी नवाचार, समृद्धि और सतत विकास की दिशा में एक मील का पत्थर सिद्ध होगी।

Karan Pandey

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