गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। Gorakhpur में जनसुनवाई व्यवस्था को और अधिक सख्त और प्रभावी बना दिया गया है। CM Yogi Adityanath अब स्वयं ऑनलाइन जुड़कर जनसुनवाई की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। वहीं जिलाधिकारी Deepak Meena प्रतिदिन सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक कलेक्ट्रेट में जनता की समस्याएं सुन रहे हैं।
शासन की इस नई व्यवस्था के बाद प्रशासनिक तंत्र में अतिरिक्त सक्रियता देखी जा रही है।
बुधवार से शुरू हुई इस सख्ती के तहत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ऑनलाइन माध्यम से जुड़कर विभिन्न मामलों की प्रगति की जानकारी ली। कुछ मामलों में उन्होंने अधिकारियों से सीधे संवाद कर स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए।
सरकार की ओर से साफ संदेश दिया गया है कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं होगी और हर शिकायत का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।
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जनसुनवाई में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से बड़ी संख्या में फरियादी पहुंचे। प्रमुख शिकायतें इस प्रकार रहीं:
• भूमि विवाद और राजस्व अभिलेखों में त्रुटि
• पुलिस कार्रवाई में विलंब
• पेंशन और आवास योजना से जुड़ी समस्याएं
• सड़क, जलनिकासी और बिजली आपूर्ति
• वन विभाग से संबंधित मामले
डीएम दीपक मीणा ने सभी मामलों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
कलेक्ट्रेट परिसर में पहले से मौजूद व्यवस्थाओं के तहत जनसुनवाई संचालित हो रही है।
• प्रार्थना पत्रों का विधिवत पंजीकरण
• संबंधित विभागों को तत्काल अग्रसारण
• निस्तारण की नियमित मॉनिटरिंग
• शिकायतकर्ता को प्रगति की जानकारी देना
डीएम ने विभागाध्यक्षों को निर्देश दिया है कि तय समयसीमा में समाधान सुनिश्चित करें और फरियादियों के साथ संवेदनशील व्यवहार बनाए रखें।
मुख्यमंत्री की ऑनलाइन निगरानी शुरू होने के बाद अधिकारियों ने मौके पर ही कई मामलों में त्वरित कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी।
यह व्यवस्था न केवल शिकायतों के समाधान को तेज कर रही है, बल्कि प्रशासन और जनता के बीच विश्वास को भी मजबूत बना रही है।
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