प्रशासनिक उदासीनता से परेशान किसान, रात में खेतों की रखवाली को मजबूर
देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)क्षेत्र के किसान इन दिनों आवारा पशुओं की गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं। खेतों में तैयार की गई धान की नर्सरी और सब्जियों की फसलें आवारा मवेशियों द्वारा नष्ट की जा रही हैं, जिससे किसान बुरी तरह परेशान हैं। दिन में खेती और रात में खेतों की रखवाली कर किसान दोहरी मार झेल रहे हैं।
स्थानीय किसानों का कहना है कि धान की बुआई का समय बेहद नजदीक है, लेकिन खेतों में मेहनत से तैयार की गई नर्सरी को आवारा पशु चट कर जा रहे हैं। किसान बृजेश मणि त्रिपाठी, हरेंद्र सिंह, अनिल सिंह, महेंद्र सिंह, शम्भू सिंह और चंद्रभान निषाद ने बताया कि उन्होंने कई बार प्रशासन से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
किसानों का आरोप है कि गौशालाओं की व्यवस्था केवल कागजों तक सीमित है। न तो पशुओं को गौशालाओं में रखा जा रहा है और न ही उनकी निगरानी हो रही है। इससे गांवों में पशु बेखौफ होकर खेतों में घुसकर फसलों को नष्ट कर रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन की इस उदासीनता से खेती बर्बादी की कगार पर पहुंच गई है। यदि समय रहते समाधान नहीं निकाला गया तो इस बार की फसल बुरी तरह प्रभावित हो सकती है।
किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि तत्काल प्रभाव से आवारा पशुओं की समस्या पर ध्यान दिया जाए और फसलों को बचाने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। अन्यथा वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
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