महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा )। सोहगी बरवां वन्य जीव प्रभाग के सौंदर्य से महराजगंज को प्रदेश में उत्तम श्रेणी में लाने के लिए जहां पूर्व जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार झा ने जंगल सफारी नामक योजना की शुरुआत किया जिसमे वनों के सौंदर्य को जंगल सफारी के माध्यम से पर्यटन का रूप दिया जाए तथा जंगल में बसे वन ग्रामों को उनके जीवन एवं मूल धरोहर को विकसित करने के लिए जनपद में स्थित वन सेंचुरी क्षेत्र मे विकास की गंगा बह रही हैं।वहीं लक्ष्मीपुर के ढेड़ी जंगल से सटे दो नदियों के मिलन से रोहिणी नदी जो स्थानीय लोग रोहिन नदी के नाम से जानते है वह आज-कल मछली तस्करो का अड्डा बन गया है। वन विभाग के अधिकारियो की मिली-भगत से यह कारोबार बड़ी तेजी से फल-फूल रहा है।
प्राप्त समाचार के अनुसार सोहगी बरवां वन्य जीव प्रभाग लक्ष्मीपुर के ढेड़ी वन चौकी अन्तर्गत भगीरथ पुर से सटे नेपाल से आने वाली दो नदियां महाव और रोहिन नदी प्रमुख है जो वन सेंचुरी क्षेत्र मे लम्बी दूरी तक फैली हुई है जो आगे चलकर रोहिणी नदी के नाम से प्रसिद्ध है, जिसका संरक्षण वन विभाग व जिला प्रशासन के हाथों होता है यहां पर वन सेंचुरी क्षेत्र होने के कारण मछली पकड़ना व किसी भी प्रकार का कार्य बिना वन विभाग की अनुमति के असम्भव है। फिर भी कुछ लोग आजकल मछली तस्करो का अड्डा बना लिए हैं। वन विभाग के अधिकारियों की मिली- भगत से यह कारोबार बड़ी तेजी से फल-फूल रहा है। वन संरक्षण अधिनियम का सीधे तौर पर उल्लघंन किया जाता नजर आ रहा है। फिर भी प्रशासन इस पर ध्यान नही दे रही है। कही न कही लोग वन विभाग पर प्रश्न उठाते नजर आ रहे हैं ।
इस सम्बन्ध मे प्रभागीय वनाधिकारी महराजगंज नवीन प्रकाश शाक्य ने कहा कि मौके पर जांच कराते हैं।मिलने पर कार्यवाही किया जायेगा।
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