Saturday, November 29, 2025
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देवरिया में एसजेपीयू की मासिक समीक्षा बैठक: बाल विवाह रोकथाम पर विशेष जोर, विभागों को सतर्क रहने के निर्देश

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। पुलिस लाइन देवरिया के प्रेक्षागृह में विशेष किशोर पुलिस इकाई (SJPU) की मासिक समीक्षा बैठक (नवंबर 2025) आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता क्षेत्राधिकारी नगर संजय कुमार रेड्डी ने की, जबकि संचालन जिला बाल संरक्षण इकाई के संरक्षण अधिकारी जय प्रकाश तिवारी ने किया।

बैठक में उपस्थित अधिकारियों से परिचय प्राप्त करने के बाद क्षेत्राधिकारी नगर ने सभी विभागों को बाल संरक्षण कानूनों और प्रक्रियाओं का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों के अधिकारों का संरक्षण शासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और सभी विभाग इसके लिए एकजुट होकर कार्य करें।

बाल विवाह रोकथाम पर विशेष फोकस

बैठक का मुख्य एजेंडा बाल विवाह रोकथाम रहा। जिला परिवीक्षा अधिकारी अनिल कुमार सोनकर ने बाल विवाह विरोधी कानून, विभागीय जिम्मेदारियों और रोकथाम के उपायों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जिले को “बाल विवाह मुक्त देवरिया” बनाने के लिए सभी विभागों का समन्वय आवश्यक है।

संरक्षण अधिकारी जय प्रकाश तिवारी ने बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 की धारा-9 का उल्लेख करते हुए बताया कि—

18 वर्ष से कम आयु की बालिका

21 वर्ष से कम आयु के बालक का विवाह कराना दो वर्ष की सजा, एक लाख रुपये जुर्माना, या दोनों दंड के प्रावधान में आता है। उन्होंने यह भी बताया कि यह संज्ञेय और गैर-जमानती अपराध है।

उन्होंने निर्देश दिया कि बाल विवाह की किसी भी सूचना पर तुरंत
1098 (चाइल्ड हेल्पलाइन), 181 (महिला हेल्पलाइन) और 112 (पुलिस आपातकालीन सेवा) पर रिपोर्ट किया जाना अनिवार्य है।

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विभागों द्वारा साझा की गई महत्वपूर्ण जानकारियाँ

डॉ. वाई. पी. यादव, उप मुख्य चिकित्साधिकारी—स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं और भूमिका पर जानकारी।

दिनेश कुमार, श्रम प्रवर्तन अधिकारी—श्रम कानूनों और श्रम विभाग की योजनाओं का विवरण।

ब्रजेश नाथ तिवारी, सदस्य किशोर न्याय बोर्ड—जे.जे. बोर्ड की कार्यप्रणाली की जानकारी।

रामकृपाल, प्रभारी अधीक्षक, राजकीय बाल गृह—संरक्षण एवं पुनर्वास प्रक्रियाओं पर मार्गदर्शन।

ओमप्रकाश तिवारी, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण—बाल विवाह मामलों में विधिक सहायता की भूमिका।

सुरेश वर्मा, थाना AHTU प्रभारी निरीक्षक—एसजेपीयू के दायित्वों और थानों के बाल कल्याण अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश।

बैठक में चाइल्ड हेल्पलाइन, वन स्टॉप सेंटर और सभी थानों के नामित बाल कल्याण पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।

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