चंडीगढ़ (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) पंजाब में रविवार को बाढ़ की स्थिति और गंभीर हो गई है। लगातार बारिश और नदियों के उफान से राज्य के कई ज़िले प्रभावित हैं। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार अब तक 24 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि सैकड़ों गांव पानी में डूब गए हैं।

राज्य सरकार से मिली जानकारी के मुताबिक रावी, ब्यास और सतलुज नदियों के उफान से नौ जिलों के 1,018 गाँव प्रभावित हुए हैं। खेतों में खड़ी फसलों पर सबसे ज्यादा असर पड़ा है। अब तक 1.51 लाख एकड़ (61,273 हेक्टेयर) कृषि भूमि जलमग्न हो चुकी है। इससे किसानों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।

जिलेवार स्थिति
फाजिल्का : 16,632 हेक्टेयर भूमि जलमग्न
फिरोजपुर : 10,806 हेक्टेयर प्रभावित
कपूरथला : 11,620 हेक्टेयर में फसलें डूबीं
पठानकोट : 7,000 हेक्टेयर प्रभावित
तरनतारन : 9,928 हेक्टेयर कृषि भूमि पर असर
होशियारपुर : 5,287 हेक्टेयर में फसलों का नुकसान
प्रशासनिक रिपोर्टों के अनुसार खेतों के अलावा पशुओं की मौत और ग्रामीण ढांचागत क्षति के कारण भी राज्य को बड़ा आर्थिक नुकसान हुआ है।
राहत और बचाव कार्य
सरकार और जिला प्रशासन की टीमें राहत व बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। प्रभावित क्षेत्रों से ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया जा रहा है। एनडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन ने कई जगहों पर राहत शिविर भी स्थापित किए हैं।

कृषि विभाग का कहना है कि फसलों के नुकसान का विस्तृत आकलन किया जा रहा है। सरकार प्रभावित किसानों को राहत और मुआवज़ा उपलब्ध कराने की तैयारी में है।

पंजाब में मौजूदा हालात को देखते हुए विशेषज्ञों का मानना है कि अगर बारिश का सिलसिला जारी रहा तो नुकसान और बढ़ सकता है।