सृष्टि के अनादिकाल से सदाशिव सहज उपासित देवाधिदेव हैं-डॉ.प्रमोद त्रिपाठी

शिक्षा व समाज से जुड़े लोग सम्मानित

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। प्रजापिता ब्रह्मकुमारी विश्वविद्यालय- माउंट आबू की खलीलाबाद शाखा के तत्वाधान में संचालित आश्रम पर गुरुवार को जनपद के विभिन्न शैक्षिक संस्थानों के प्राचार्य एवं शिक्षाविदों का सम्मेलन आयोजित किया गया। जिसमें आश्रम की संचालिका राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी शकुंतला दीदी ने डॉ. प्रमोद कुमार त्रिपाठी, डी.सी. पाण्डेय, नवनीत मिश्र व इंजी. सुधांशु सिंह को स्मृतिका प्रदान कर सम्मानित किया एवं आश्रम के ब्रह्मकुमार भाई रणविजय ने अतिथियों का माल्यार्पण कर स्वागत किया।
सम्मेलन के मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए प्राचार्य, प्रभादेवी स्नातकोत्तर महाविद्यालय डॉ. प्रमोद कुमार त्रिपाठी ने कहा कि सृष्टि के अनादिकाल से ही सदाशिव मानव समाज से सहज उपासित देवाधिदेव के रूप में पूजित रहे हैंl शक्ति व शिव की समन्वित साधना परंपरा भारतीय समाज की परंपरा रही है। प्रजापिता ब्रह्मकुमारी विश्वविद्यालय ने देवाधिददेव शिव के कल्याणकारी रूप को केंद्र में रखकर मानव मूल्यों की स्थापना, चरित्र निर्माण, सामाजिक सद्भाव, आडम्बरों से मुक्ति का जो मिशन लिया है। वह सर्वथा स्तुत्य है।
डॉ. त्रिपाठी ने कहा कि योग के आदिदेव के रूप में शिव की योगिनी शक्तियों के माध्यम से चिंतन क्रियाओं के लिए आप सब बधाई के पात्र हैं।
विशिष्ट अतिथि इंजी. सुधांशु सिंह ने कहा कि भारतीय समाज में श्रीराम-कृष्ण के आध्यात्मिक जीवन से जुड़े प्रसंगों का आज के छात्र-छात्राओं में पुनर्स्थापना की आवश्यकता है।
इसी क्रम में कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नवनीत मिश्र ने कहा कि आज मानव तनाव, कुंठा, उद्विग्नता, द्वेष, ईर्ष्या आदि से शारीरिक, मानसिक व सामाजिक परिस्थितियों में अनेकश: समस्याओं से घिरता जा रहा हैl संस्था ओम शांति का सूत्र वाक्य को स्वीकार कर उससे बचा जा सकता है।
अध्यक्षता करते हुए डॉ. डी.सी. पाण्डेय ने कहा कि समाज के नवनिर्माण में हम अध्यापकों का गुरुतर दायित्व हैl भारत की गुरु परम्परा अत्यंत उद्घात रही हैl किसी ध्येय को लेकर चलने में अनेक कठिनाइयां आती हैl परंतु सहयोग-समर्पण से समस्याओं का निदान संभव हो जाता है। सर्वधर्म समभाव की भावना के साथ यह मिशन प्रजापिता शिव को अपनी समस्त शक्तियों का भंडार मानता है और यही कारण है कि इस मिशन के लोग जगत के सामाजिक व धार्मिक उत्कर्ष की कामना करते हैंl
कार्यक्रम के अंत में ब्रह्मकुमार रवि कुमार ने आगत अतिथियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया एवं आजीवन ब्रह्मचर्य धारण करने वाली ब्रह्मकुमारी रंजना बहन ने प्रसाद एवं उपहार वितरित कियाl
इस अवसर पर प्रमुख रुप से शैलेन्द्र मणि त्रिपाठी, पवन कुमार श्रीवास्तव, राजेश यादव सहित दर्जनों लोग उपस्थित रहे l

Editor CP pandey

Recent Posts

प्याज-चीनी की महंगाई से बढ़ी रसोई की चिंता, क्या बफर स्टॉक बनेगा किसान-उपभोक्ता संतुलन का समाधान?

रसोई में महंगाई का तड़का: प्याज 70 रुपये पार, चीनी की तेजी ने बढ़ाई चिंता;…

4 hours ago

औद्योगिक भ्रमण में विद्यार्थियों ने समझी उद्योग जगत की कार्यप्रणाली

बिछुआ (राष्ट्र की परम्परा)। कक्षा में पढ़ाई के साथ विद्यार्थियों को उद्योग जगत की वास्तविक…

7 hours ago

राखी का संदेश

✍️ विजय गुंजन स्नेह है, अनुराग है, पवित्रता का बंधन है,ममता भरे एक धागे का…

8 hours ago

रक्षा बंधन: रिश्तों की डोर से राष्ट्र की परम्परा तक

नवनीत मिश्र रक्षा बंधन केवल कलाई पर राखी बांधने का पर्व नहीं, बल्कि भाई-बहन के…

17 hours ago

रॉयल्टी के छह गुना दंड से परेशान पीडब्ल्यूडी ठेकेदार, कार्य बहिष्कार की तैयारी

लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा)। लोक निर्माण विभाग, उत्तर प्रदेश के ठेकेदार रॉयल्टी से जुड़े मामलों…

20 hours ago

भाई-बहन का स्नेहाकाश

✍️ संजय एम. तराणेकर कलाई पर बंधता धागा है,पर बंधता है उससे विश्वास,बहन की आँखों…

1 day ago