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सप्तश्रृंगी सोसाइटी दक्षिण गुजरात के लोगो के लिए बना आदर्श

बारडोली/गुजरात(राष्ट्र की परम्परा)l बारडोली सरदार वल्लभभाई पटेल की कर्मभूमि पुण्य भूमि जो सुरत जिले में आईं हैं और बारडोली नगर आज पूरे जगत में सुप्रसिद्ध है ऐसा पुण्य नगर की एक सोसायटी में जहां पर करीब दोसो घर के परिवार सोसायटी में रहते हैं उस सोसाइटी का नाम है सप्तश्रृंगी जो एक देवी मां के नाम से यह सोसाइटी का नामकरण किया गया जिस समय यह सोसाइटी का निर्माण हुआ तब और वहां पर मुल सौराष्ट्र के निवासी और फिर समय चलते दक्षिण गुजरात के महुवा नगर में रहनेवाले मंदिर निर्माण के व्यवसाय से जुड़े बड़े कोन्ट्राकटर जयेश भाई हरगोविंद दास सोमपुरा जो विविध धार्मिक संगठन के पदाधिकारी भी है और दक्षिण गुजरात के जाने-माने समाज अग्रणी समाज सेवक यह सोसाइटी में अपने खुद के रहने के लिए एक मकान खरीदा और अपने परिवार के साथ रहने लगे जयेश भाई सोमपुरा एक सेवाभावी एक बड़ा व्यक्तित्व धराते है ऐसे व्यक्ति हैं इन्होंने अपनी मनुष्य जीव जीने की और शुभ आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए एक अलग ही अपनी पहचान छबी बनाई है और उसको कायम रहे और उनके वंशज भी उनके पास से उनके जीवन के सेवा कार्य से प्रसन्न होकर वोभी एक नेक सेवाभावी मनुष्य जीव आत्मा बने यह पृथ्वी लोक पर जिसके लिए जयेश भाई जाने जाते हैं जयेश भाई सोमपुरा जबसे अपने परिवार के साथ यह सोसाइटी में रहने आए इन्होंने पुरी सोसाइटी में रहने वाले सभी 200 से अधिक घर परिवारों को अपना परिवार समझने लगे और अपनी मानव धर्म की सर्वश्रेष्ठ सेवा परिवार के साथ समग्र सोसाइटी को दे रहे हैं वो सुबह पांच बजे जल्दी उठकर सोसाइटी में स्वच्छता अभियान खुद करते हैं और यह एक दो दिन से नहीं पिछले दश साल से अधिक समय से और उनकी महान सेवा को देखकर दुसरे लोग भी सोसाइटी में रहने वाले उनके साथ अपनी जिम्मेदारी अपना कर्तव्य है और हम सबको को अपनी जिम्मेदारी और कर्तव्य का पालन करना है और धीरे-धीरे पुरी सोसाइटी में अधिक से अधिक लोग एक सेवाभावी जागृत नागरिक के साथ समझदार नागरिक भी आज बन रहे हैं यह सोसाइटी का और यह सोसाइटी में रहनेवाले लोगों का सर्वश्रेष्ठ उदाहरण बारडोली तहसील में आई दुसरी सोसाइटी वाले जभी यहां पर आते हैं देखकर जाते हैं और यह सोसाइटी में से एक अच्छी सिख लेकर जाते हैं और अपने दिल दिमाग में पड़ी नेगेटिव बातें तरह तरह की निकाल कर वो लोग भी अपनी सोसाइटी में जागृत नागरिक समझदार नागरिक बनते नजर आ रहे हैं हमारे संवाददाता चंद्रकांत सी पूजारी ने यह सोसाइटी में रहनेवाले जयेश भाई हरगोविंद दास सोमपुरा जी से बातचीत की तब उन्होंने मानव धर्म सर्वश्रेष्ठ धर्म की सुंदर बातें बताई जो प्रेरणादायक है तब हमें दक्षिण गुजरात के दो महान व्यक्ति याद आ जाते हैं एक जुगताराम दवे कर्मभूमि वेडछी तहसील वालोड,और दुसरा बलुभाई देसाई बुहारी तहसील वालोड यह दो दक्षिण गुजरात के बड़े समाज सेवक रहे और बुहारी नगर के रहनेवाले और भारत के लोकप्रिय वड़ा प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई के नाम से कोलेज का निर्माण करनेवाले समाज सेवक श्री बलुभाई देसाई जिनको ज्यादातर लोग बलुकाका के नाम से जाने जाते थे उनकी एक महान बात याद आती है प्रेम महान पैसों नहीं
कर्तव्य महान व्यक्ति नही सुंदर बात छोटी दो टुक में कहीं बात और उस पर नेक कर्म करते करते महा पुरुष बन गए बलुकाका दक्षिण गुजरात में ।

rkpNavneet Mishra

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