संत कबीर नगर: मगहर हाईवे पर कूड़ा डंपिंग से बढ़ा खतरा, धुएं-राख से लोग परेशान

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। संत कबीर नगर के नगर पंचायत मगहर क्षेत्र में मगहर हाईवे कूड़ा डंपिंग ने गंभीर हालात पैदा कर दिए हैं। हाईवे के दोनों किनारों पर कूड़ा डालकर उसमें आग लगाई जा रही है। उठते धुएं से सड़क पर दृश्यता घट रही है और हादसों की आशंका बढ़ गई है।

राहगीरों और वाहन चालकों को रोजाना परेशानी झेलनी पड़ रही है। स्थानीय लोग इसे जनस्वास्थ्य और सड़क सुरक्षा से जुड़ा बड़ा संकट बता रहे हैं।

हनुमान मंदिर से सीहापार हाल्ट तक बदतर स्थिति

जानकारी के मुताबिक Maghar में मगहर हनुमान मंदिर से सीहापार हाल्ट तक कई स्थानों पर प्रतिदिन मोहल्लों से एकत्रित कचरा हाईवे किनारे डंप किया जा रहा है।
बाद में इन ढेरों में आग लगा दी जाती है। धुआं सड़क पर फैलता है और कुछ देर के लिए दृश्यता बेहद कम हो जाती है।
स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि धुएं के कारण ग्राहकों की आवाजाही भी प्रभावित हो रही है।

राख उड़कर आंखों में, खाद्य सामग्री पर असर

जले हुए कूड़े की राख को सड़क किनारे बने गड्ढों में भरने के लिए उपयोग किया जा रहा है। पछुआ हवा चलने पर राख उड़कर राहगीरों की आंखों में चली जाती है।
राख आसपास के घरों और दुकानों तक पहुंच रही है। इससे स्वच्छता प्रभावित हो रही है और खुली खाद्य सामग्री खराब हो रही है।
लोगों का कहना है कि बच्चों और बुजुर्गों को सांस लेने में भी दिक्कत हो रही है।

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हादसों का बढ़ता खतरा

हाईवे पर तेज रफ्तार वाहनों के बीच धुआं अचानक फैलने से दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है।
चालकों को सामने की गाड़ियां और सड़क किनारे खड़े लोग स्पष्ट दिखाई नहीं देते। विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसी स्थिति में छोटी सी चूक भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।

नगर पंचायत पर उठे सवाल

निवासियों का कहना है कि स्थायी कूड़ा निस्तारण व्यवस्था नहीं होने से यह समस्या लगातार बढ़ रही है।
नगर पंचायत स्तर पर ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की योजना लागू नहीं की गई है। कचरे को वैज्ञानिक तरीके से निपटाने के बजाय खुले में डंप कर जलाया जा रहा है। लोगों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद समाधान की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए।

स्वास्थ्य और पर्यावरण पर असर

विशेषज्ञ बताते हैं कि कूड़ा जलाने से निकलने वाला धुआं विषैला होता है। इससे श्वसन संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ता है।
पर्यावरणीय दृष्टि से भी यह गंभीर समस्या है। प्लास्टिक और अन्य कचरे के जलने से हानिकारक गैसें वातावरण में फैलती हैं।
यदि समय रहते रोकथाम नहीं की गई तो स्थिति और बिगड़ सकती है।

समाधान क्या?

• कचरे के लिए अलग डंपिंग जोन निर्धारित किया जाए
• वैज्ञानिक अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली लागू हो
• हाईवे किनारे कूड़ा फेंकने और जलाने पर सख्त रोक लगे
• नियमित निगरानी और दंडात्मक कार्रवाई की जाए

स्थानीय लोग उम्मीद कर रहे हैं कि प्रशासन जल्द ठोस कदम उठाएगा।

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Karan Pandey

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