झंगहा/गोरखपुर ( राष्ट्र की परम्परा) विकास खण्ड ब्रह्मपुर के राजी जगदीशपुर गांव के राजी बाजार, बुद्ध विहार पर रविवार को संत शिरोमणि रविदास की जयंती धूमधाम से मनाई गई। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि सरदार नगर विकास खण्ड के प्रधान संघ अध्यक्ष श्रवण कुमार मौर्य ने कहा कि, संत रविदास ने जीवन भर पिछड़ों दलितों और शोषितों के उत्थान के लिए निरंतर प्रयास किए। उन्होंने बाहरी दिखावे और आडम्बर की बजाय, सिर्फ गुणों पर विश्वास किया। मन चंगा तो कठौती में गंगा उन्हीं की कहावत हैं, जिसका अर्थ है कि अगर हमारा मन शुद्ध है तो सब कुछ प्राप्त किया जा सकता है। भारत में व्याप्त बुराइयों एवं अंधविश्वासों से दूर उठकर, उन्होंने समता मूलक समाज की स्थापना की। आज भारतीय समाज में हर वर्ग के लोगों को उनके विचारों से प्रेरणा लेने की आवश्यकता है। विशिष्ट अतिथि प्रवक्ता सुरेंद्र मौर्य ने कहा कि, संत रविदास उन संतों में से एक थे, जिन्होंने समाज में फैली बुराइयों एवं कुरीतियों से दूर रहने के लिए सच्चे मार्ग पर चलने का रास्ता दिखाए। समाज में एकता एवं समानता लाने के लिए संत रविदास के जीवन से सीखने की जरूरत है। भारत का कानून संविधान से चलता है । इसलिए देश के प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है कि, संविधान के नियमों का पालन करें। भारत में जन्मे समस्त धर्म गुरुओं एवं समाज सुधारकों के विचारों सेआज प्रेरणा लेने की आवश्यकता है। कार्यक्रम में अमरजीत कुमार, दिनेश गौड़, नंदलाल सोनकर, चंद्रमणि यादव, अमरजीत इत्यादि ने भी संत रविदास जयंती के अवसर पर अपने विचारों को रखा। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ समाजसेवी योगेंद्र मौर्य ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में अशोक कुमार ,नर्मदेश्वर विश्वकर्मा, अभिषेक कुमार ,राकेश मौर्य ,रामप्रीत , गौतम पासवान, संतोष मौर्य, बालाशंकर ,जितेंद्र यादव, रविमोहन, प्रमोद यादव ,सूर्यांश मौर्य , सौम्या मौर्य ,श्रेया ,कामिनी, रुचि मौर्या इत्यादि का विशेष योगदान रहा।
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