मंडल चिकित्सालय में आई वी एफ तकनीकी से गर्भवती महिला का सुरक्षित प्रसव

वाराणसी(राष्ट्र की परम्परा)
पूर्वोत्तर रेलवे का वाराणसी मंडल चिकित्सालय द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में नित्य प्रति नए आयाम स्थापित कर रहा है। अपनी स्थापना से लेकर अभी तक लगातार मंडल चिकित्सालय क्रमबद्ध तकनीकी सुधारों एवं स्पेशलिस्ट चिकित्सकों को नियुक्त करने के साथ -साथ उपचार के उच्च मानदण्ड स्थापित कर रहा है। कोरोना काल कोविड-19 के विभिन्न आपातकाल में भी, रेल परिवार, जनमानस के लिए सदैव तत्पर रहते हुए मंडल चिकित्सालय एवं विभिन्न हेल्थ यूनिटों के माध्यम से सबको सेवा दी है। शतप्रतिशत रेल कर्मचारियों एवं उनके परिवारों का वैक्सीनेशन भी रिकार्ड समय में किया था।
इसी क्रम को आगे बढ़ाते हुए
विगत सप्ताह मंडल चिकित्सालय, वाराणसी में आई वी एफ पद्यति के माध्यम से गर्भवती महिला कविता हाई बी पी और लेबर पेन के साथ इमरजेंसी में पहुँचती है, जहाँ मंडल चिकित्सालय के चिकित्सकों की तत्परता से आवश्यक जाँच और मरीज की स्थिति को समझने के उपरांत स्पेसलिस्ट टीम बुलाकर इमरजेंसी में सिजेरियन आपरेशन किया गया, जिससे माँ और दो नवजात शिशुओं के जीवन को बचाया जा सका । उक्त महिला (इन विट्रो फर्टिलाइजेशन) आई वी एफ पद्धति से कंसीव की थी जो अपने आप में ऑपरेशन के लिए एक हाई रिस्क फैक्टर होता है । मरीज का ब्लड प्रेशर भी हाई था जो स्वयं में हाई रिस्क फैक्टर था। बिना समय गंवाए इमरजेंसी ऑपरेशन किया जाना नितांत आवश्यक था, कविता ने जुड़वा बच्चों को जन्म दिया, जच्चा बच्चा दोनों स्वस्थ हैं और मंडल चिकित्सालय में स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं। यह ऑपरेशन अपने आप में अनूठी अद्वितीय मरीजों की सेवा रेल कर्मचारियों परिवार के चेहरों पर मुस्कान देना है। इस ऑपरेशन का संचालन अपर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक एवं बाल रोग विशेषग्य डा आर आर सिंह(पीडियाट्रिक), डॉक्टर मोनिका शुक्ला (गाईक्नोलॉजिस्ट), डॉक्टर कल्पना दूबे (गाईक्नोलॉजिस्ट), डॉ नीरज कुमार (एनेस्थिसियोलाजिस्ट) की टीम से ने सफलतापुर्वक सम्पन्न करते हुए मंडल चिकित्सालय में नया अध्याय जोड़ा है।
इसी क्रम में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा आर जे चौधुरी के अनुसार वाराणसी मंडल चिकित्सालय में पहली बार आई वी एफ़ तकनीकी से गर्भवती किसी महिला का इमरजेंसी में सिजेरियन आपरेशन कर सुरक्षित प्रसव क्रय गया है । ज्ञातव्य हो की मुख्य चिकित्सा अधीक्षक के निर्देशन में हर घर दस्तक, हर घर मुस्कान रेल परिवार मानसिक शारीरिक रूप से स्वास्थ रहे’ अभियान के तहत लगातार मंडल के सुदूर स्टेशनों पर भी स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इन स्वास्थ्य शिविरों में रेल कर्मचारियों को प्राथमिक चिकित्सा,हृत्फुफ्फुसीय पुनर्जीवन (कार्डियो पलूमोंनरी रेजस्टिक्सन)सीपीआर ट्रेनिंग भी दी गई है, जिससे रेल कर्मचारियों, रेल परिवार रेल यात्री/उपभोक्ताओं की जान बचाया जा सकता है और बचाया जा रहा है। वाराणसी मंडल चिकित्सालय में डॉक्टरों की टीम हमेशा 24×7 सदैव, सजग, तत्पर तैयार रहती हैं, जो ऑड आवर्स में भी सफल ऑपरेशन के लिए तैयार रहती है। मंडल चिकित्सालय किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए हमेशा सजग है। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा आर जे चौधरी अपने अधीन डॉक्टरों का मनोबल बढ़ाने के लिए लगातार प्रयासरत है जिसका सार्थक परिणाम दिखाई पड़ रहा है ।

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